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अमर उजाला संवाद : 12 साल से वेयर हाउस बनाने की गुत्थी नहीं सुलझा सका नोएडा प्राधिकरण

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-जिले में नहीं हैं एक भी वेयर हाउस, दिल्ली का रूख करते हैं व्यापारी, होता है घाटा
-व्यापारियों ने अमर उजाला संवाद में रखी समस्याएं

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिलेभर में तेज गति के साथ प्लानिंग के तहत आवास, इंडस्ट्री और एजुकेशनल हब तो बढ़ता जा रहा है, लेकिन जिले के व्यापारियों को एक भी वेयर हाउस नहीं मिल सका। यही कारण है कि व्यापारियों-उद्यमियों को थोक व्यापार के लिए दिल्ली के बाजारों का रुख करना पड़ता है।

सेक्टर 9 में व्यापारियों के साथ बुधवार को अमर उजाला संवाद हुआ। इस दौरान व्यापारियों ने बताया कि वह पिछले 12 सालों से नोएडा प्राधिकरण के साथ वेयर हाउस स्थापित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्राधिकरण तैयार नहीं है। जबकि उनका कहना है कि साल 2003 में उन्होंने नोएडा में वेयर हाउस बनाने की मांग रखी थी। यहां तक कि 2006 में नियोजन का लेटर तक मिल गया। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही थी कि वेयर हाउस बनेगा तो दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन जब नहीं बना तो व्यापारी 2011 में हाईकोर्ट गए।
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2014 में कोर्ट ने प्राधिकरण को आदेश देकर इसका समाधान करने के लिए कहा, लेकिन व्यापारियों का कहना है कि तब से 12 साल बीत गए, लेकिन अब तक प्राधिकरण ने वेयर हाउस पर चर्चा आगे नहीं बढ़ाई। यहां तक कि अन्य दो प्राधिकरणों में भी वेयर हाउस बनाने की तैयारी नहीं है। ऐसे में यहां के व्यापारियों को ज्यादा किराया भाड़ा लगाकर दिल्ली का रूख करना पड़ता है। जबकि वहां से अधिकतर थोक का सामान बिना बिल के आता है, जिससे यूपी के राजस्व को घाटा हो रहा है।
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व्यापारियों का कहना है कि यदि शहर में वेयर हाउस बनता है तो दिल्ली के बाजार पर निर्भरता कम होगी। प्रदूषण कम होगा और ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा कम होगा। एक ही छत के नीचे सारा थोक सामान नोएडा में ही मिल सकेगा।

हम 2002 से शहरभर में छोटे वेयर हाउस बनाने की मांग कर रहे हैं, इससे शहर में ही थोक व्यापार हो सकेगा। -सुशील सिंघल
ऑनलाइन डिलीवरी सिस्टम के कारण ही अधिकतर रिटेल की दुकानों की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। -कमल गुप्ता
जीएसटी व्यापारियों को सुविधाजनक टैक्स के तौर पर पेश किया था, लेकिन उसकी व्यवस्था लगातार जटिल हो रही है। -दिनेश गोयल
वेयर हाउस बनें तो दिल्ली के बाजार पर निर्भरता कम होगी, साथ ही ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी घटेगा, सरकार को लाभ होगा। -कश्मीरी लाल सिंघल
यदि शहर का रोड इंफ्रा बेहतर हो जाए तो दुर्घटनाएं भी कम होंगी, आजकल जगह जगह सड़कों पर गड्ढे बढ़ गए हैं। -अमित सिंघल
कोई स्कैमर खरीद फरोख्त करता है तो साइबर पुलिस उसे ही पकड़े, व्यापारियों के लिए स्कैम का पैसा पहचनना कठिन है। -केशव गुप्ता
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