संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। ऐतिहासिक श्री कपालमोचन मेला का आयोजन एक से पांच नवंबर तक किया जाएगा। हालांकि मेले के आरंभ से पूर्व ही श्रद्धालु कपाल मोचन पहुंचना शुरू हो गए हैं। प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना प्रारंभ कर दिया है।
मंगलवार को मेला प्रशासक एवं एसडीएम व्यासपुर जसपाल सिंह गिल ने मेला क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मेले में चल रहे विकास कार्यों तथा सफाई, सुरक्षा और यातायात प्रबंधों की समीक्षा की। मेला प्रशासक ने सबसे पहले सूरज कुंड सरोवर क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां पानी निकासी के लिए बनाए जा रहे नाले व बाउंड्री वाल का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने मौके पर निर्माण कार्य में प्रयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूर्ण किए जाएं। जसपाल गिल ने बताया कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं। महिला घाटों की दीवारों पर चार-चार फीट ऊंची फाइबर शीट लगाई गई है।
पूर्व में इन स्थानों पर कपड़े के पर्दे लगाए जाते थे, जिन्हें अब स्थायी व्यवस्था में बदला गया है। हर वर्ष की तरह इस बार भी 15 से 20 स्थायी शौचालयों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित था, जिनमें से 18 शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। श्री कपालमोचन और श्री ऋण मोचन सरोवरों की पूरी तरह सफाई कर चूना डालकर पानी छोड़ा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।
श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन ने यातायात और आवागमन प्रबंधों को भी सुदृढ़ किया है। ई-रिक्शा सेवा प्रारंभ की जाएगी जो कपाल मोचन क्षेत्र से व्यासपुर तक चलेगी। इन वाहनों पर मेला प्रशासन द्वारा जारी पास अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
एसडीएम गिल ने बताया कि सभी विभागों को अपने-अपने कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। हमारा प्रयास है कि मेला आरंभ होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें। निरीक्षण के दौरान मेला अधिकारी एवं बीडीपीओ आस्था गर्ग, श्राइन बोर्ड के लेखाकार पंकज अग्रवाल, विकास, गुलशन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।