यमुनानगर। सपनों का एक घर हो और परिवार के सभी सदस्य उसमें मिलकर खुशहाल जिंदगी व्यतीत करें, ऐसा सपना हर किसी का होता है। ऐसे ही आशियाने की नींव श्रद्धालुओं द्वारा रखी जा रही है सरस्वती उद्गम स्थल आदिबद्री में। आदिबद्री में श्री आदिबद्री नारायण मंदिर के पास बह रही सोम नदी में लोग पत्थर के ऊपर दूसरा पत्थर रख कर मनोकामना मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द उनका भी ऐसा ही एक घर जल्द से जल्द बन जाए। सोम नदी के में अब तक श्रद्धालु सैकड़ों की संख्या में ऐसे घर बना चुके हैं। साथ ही यह वादा करके भी जा रहे हैं कि यदि जल्द से जल्द उनका घर बन गया तो दोबारा फिर तीर्थराज कपालमोचन और आदिबद्री में दर्शन करने आएंगे।
दरअसल मान्यता है कि आदिबद्री में बह रही सोम नदी में जो कोई भी पत्थरों का घर बनाता है उसकी अपने घर की मान्यता जरूर पूरी होती है। इसलिए कपालमोचन मेला में आने वाले श्रद्धालु 18 किलोमीटर का सफर करके आदिबद्री पहुंचते हैं। माता मंत्रा देवी के दर्शन करने जाते हुए रास्ते में साेम नदी में पड़े पत्थरों को एक दूसरे के ऊपर रख कर कल्पना के घर बनाते हैं। पटियाला निवासी तरणजीत ने बताया कि वह छह साल से कपालमोचन व आदिबद्री में आ रही है। उसने मन्नत मांगी थी कि उसका एक भाई हो। यह मन्नत पूरी हो गई।
अब उसने बड़ा घर बनाने की मन्नत मांगी है। इसी तर पटियाला के हरविंद्र सिंह ने बताया कि चार साल पहले वह इसी तरह पत्थर के ऊपर पत्थर रख कर नए घर की मन्नत मांग कर गया था। अब उसका तीन मंजिला घर बन रहा है। थोड़ा काम रह गया है वह भी जल्द ही पूरा हो जाएगा।
सोम नदी में पत्थर से घर बनाते छोटा बच्चा व महिला। संवाद
सोम नदी में पत्थर से घर बनाते छोटा बच्चा व महिला। संवाद