हमीरपुर। जिला कारागार में रविवार दोपहर हुई बंदी की मौत के मामले में डिप्टी जेलर संगेश कुमार व जेल वार्डर अनिल कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जेल अधीक्षक की आख्या पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक बांदा ने कार्रवाई करते हुए जेल वार्डर को मंडल कारागार बांदा से संबद्ध किया है। वहीं, डिप्टी जेलर को डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ से संबद्ध किया गया है। दोनों पर विभागीय कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।
एससीएसटी एक्ट के दस वर्ष पुराने मामले में वारंट होने पर सदर कोतवाली क्षेत्र के सूरजपुर गांव निवासी अनिल तिवारी को 11 सितंबर को जिला कारागार भेजा गया था। रविवार को जिला कारागार में उसकी हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां दोपहर 2:20 बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों ने मौत को संदिग्ध मानकर जेल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग की।
सोमवार दोपहर परिजन शव दिखाने की मांग को लेकर जेल के सामने जाम लगा दिया। सदर विधायक के हस्तक्षेप के बाद परिजन शव देख दंग रह गए। शरीर में चोटों के निशान मिले। उधर, पेशी पर न्यायालय पहुंचे कारागार में निरुद्ध बंदियों ने जेल प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी। इस पर महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना ने डिप्टी जेलर संगेश कुमार को निलंबित कर दिया। वहीं, मंडल कारागार बांदा के वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने जेल वार्डर अनिल कुमार यादव को निलंबित कर दिया। उन्होंने माना कि जेल ड्यूटी में डिप्टी जेलर संगेश कुमार की मौजूदगी में बंदी अनिल द्वारा उदंडता करने पर रविवार 10.45 बजे जेल वार्डर अनिल कुमार यादव, नंबरदार बंदी शफी मोहम्मद के सहयोग से नियंत्रित किया गया। इसके बाद दोपहर में बंदी की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। जेलर केपी चंदीला ने बताया कि डिप्टी जेलर और जेल वार्डर पर कार्रवाई की गई है। न्यायिक जांच और मजिस्ट्रेटी जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
-
शव नहीं ले गए परिजन
हमीरपुर। मृतक बंदी अनिल तिवारी की पत्नी पूजा ने सोमवार दोपहर कोतवाली में तहरीर दी। जिसमें जेल अधीक्षक, जेलर व डिप्टी जेलर समेत सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। रिपोर्ट दर्ज न होने के चलते परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव घर नहीं ले गए और उसे वहीं मोर्चरी में छोड़ दिया। चचेरे भाई अखिलेश ने बताया कि कार्रवाई होने के बाद ही वह सुबह शव का अंतिम संस्कार करेंगे। वहीं, परिजनों को समझाने सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति गांव पहुंचे। जहां उन्होंने कार्रवाई के बाद अंतिम संस्कार की बात कही। (संवाद)