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Noida News: निजी स्कूलों को नोटिस जारी करने के बाद कार्रवाई करना भूला विभाग

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- जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय निजी स्कूलों के आगे हुआ नतमस्तक
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- 45 स्कूलों को करीब एक माह पहले जारी हुए थे नोटिस


माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यूपी के शो विंडो कहे जाने वाले गौैतमबुद्धनगर में निजी स्कूलों के आगे सिस्टम भी नतमस्तक हो जाता है। करीब एक माह पहले जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से 45 स्कूलों को तय फीस से अधिक फीस बढ़ाने को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। अब तक उन नोटिस के जवाब तक विभाग को स्कूलों ने देना मुनासिब नहीं समझा है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार केवल 25 से 30 स्कूलों के ही जवाब अब तक मिले हैं। जवाब में भी उन्होंने स्पष्ट तथ्य नहीं रखे हैं। 15 स्कूलों की ओर से तो जवाब ही एक महीने बीतने के बाद मिले हैं। विभाग की ओर से कमेटी तक बनाकर उनके जवाबों का भी सत्यापन नहीं कराया गया है। अब अभिभावकों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूलों की मदद विभाग ही करता है। उनका आरोप है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक के बाद तय फीस के बाद भी मनमानी कर रहे स्कूलों को क्यों छोड़ा जा रहा है।

पूर्व डीआईओएस राजेश कुमार सिंह की ओर से 7 अप्रैल को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें समिति के द्वारा सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि सत्र 2026-27 हेतु शुल्क वृद्धि की गणना करने हेतु अधिकतम शुल्क वृद्धि 7.23 प्रतिशत ही की जा सकती थी। जिसके बारे में सूचना सभी अभिभावकों को उपलब्ध करा दी गई थी। साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि यदि किसी स्कूल द्वारा वर्तमान सत्र हेतु 7.23 प्रतिशत से अधिक की शुल्क वृद्धि की जाती है तो वह जिला शुल्क नियामक समिति को ई-मेल अथवा अन्य माध्यमों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है। विभाग के पास जिले के विभिन्न स्कूलों की 45 शिकायतें प्राप्त हुई थी। जिन पर कार्रवाई करते हुए विद्यालयों के सचिव को जिला शुल्क नियामक समिति की ओर से नोटिस जारी किए गए थे। अब तक उन नोटिस की जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। अभिभावक राकेश कुमार ने बताया कि स्कूलों को मनमानी करने की छूट विभाग की ओर से ही दी जाती है। यदि उन पर कार्रवाई हो जाती तो अगले सत्र में वह तय फीस ही अभिभावकों से वसूलते,लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है।
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10 से 40 प्रतिशत बढ़ा दी फीस
स्कूलों ने नियमों को दरकिनार करके फीस 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। बढ़ी हुई फीस के विरोध में अभिभावकों ने हंगामा भी किया था। द विजडम ट्री स्कूल के अभिभावकों का आरोप है कि जिला शुल्क नियामक समिति ने 7.23 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ाने का निर्देश जारी किया था। उसके बाद भी स्कूल ने 40 प्रतिशत फीस का बढ़ा दी है। इसके साथ ही कई स्कूलों के अभिभावक सड़कों पर उतर आए थे।
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डीआईओएस बोले,10 से पांच ही करें फोन
नवनियुक्त जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र शेखर ने बताया कि मामले की जानकारी सहकर्मियों से ली जा रही है। उन्होंने कहा कि सीयूजी नंबर पर 10 से 5 अभिभावक फोन करके अपनी परेशानियां साझा कर सकते हैं। इसके साथ ही आठ से नौ बजे तक एक बार फोन व संदेशों का जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा फोन आकस्मिक स्थिति पर ही उठाया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्कूलों के साथ बैठक करने की योजना बनाई जा रही है। नए सत्र से नियमों में कई बदलाव किए जाएंगे। हर अभिभावक की मदद के लिए कार्यालय खुले हैं।
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