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डेंगू रिपोर्ट फर्जीवाड़ा : टेस्ट कराया नहीं फिर भी डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव

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टेस्ट कराया नहीं फिर भी डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव
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- निजी लैब ने पोर्टल पर अपलोड की पिछले साल की रिपोर्ट, स्वास्थ्य विभाग ने भेजा नोटिस

- एक और मरीज ने किसी दूसरी बीमारी की कराई जांच, रिपोर्ट जारी हुई डेंगू की


नेहा शर्मा
नोएडा। डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव बनाने में निजी लैब का फर्जीवाड़ा सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर लैब और निजी अस्पतालों की ओर से अपलोड की गई पॉजिटिव रिपोर्ट में ऐसे कई मरीजों के नाम शामिल हैं जिन्होंने डेंगू का टेस्ट कराया ही नहीं है। फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लैब प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी अस्पतालों को डेंगू के संदिग्ध मरीजाें के सैंपल क्रास चेक के लिए केंद्रीय लैब को भेजने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, निजी अस्पतालों की ओर से भी पोर्टल पर लगातार डेंगू के केस अपडेट किए जा रहे हैं। पॉजिटिव मरीजों के घरों के आसपास एंटी लार्वा दवा का छिड़काव करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम इन मरीजों को फोन कर रही है। इसमें से जब एक मरीज को फोन किया तो बताया कि उसने तो डेंगू का टेस्ट कराया ही नहीं है। पिछले साल उसको डेंगू हुआ था। जिसकी जांच उसने लैब से कराई थी। पिछले साल की रिपोर्ट इस बार अपलोड करने के मामले में लैब प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं एक अन्य मरीज ने बताया कि उसने किसी अन्य बीमारी का टेस्ट कराया था। डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट अपलोड करने पर उसने सवाल उठाए हैं।
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अहम है कि हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों में डेंगू के नाम पर मरीजों की जेब हल्की करने पर सवाल उठाए थे। जिला स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 1224 सैंपलों की जांच सरकारी अस्पताल की केंद्रीय लैब में एलाइज किट से हुई है। इसमें से सिर्फ 201 की रिपोर्ट ही पाॅजिटिव आई है। जबकि 1023 नमूनों में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। जबकि निजी अस्पतालों में डेंगू बताकर मरीजों का इलाज कर दिया गया।

डेंगू के मरीजों की संख्या पहुंची 208
जिले में रविवार को 6 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इन्हें मिलाकर कुल 208 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। डेंगू के बढ़ते मामले को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग लगातार सेक्टरों और सोसाइटी का निरीक्षण कर कार्रवाई कर रहा है।
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कोट
डेंगू के मरीज को फोन किया गया तो उसने बताया कि उसने डेंगू की जांच कराई ही नहीं है। जबकि एक मरीज ने कहा कि उसने तो किसी और बीमारी की जांच कराई है। ऐसे में लैब प्रबंधक को नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है। - श्रुति कीर्ति वर्मा, मलेरिया अधिकारी
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