किसानों ने हाईवे निर्माण के लिए अधिृहीत जमीन का मुआवजा न मिलने पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उन्हें जल्द मुआवजा नहीं मिला तो वे घेराव, चक्का जाम और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी के नेतृत्व में गोदावरी होटल के पास स्थित एनएचएआई कार्यालय के बाहर किसानों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुकुल नारसन से पीरपुरे तक अधिगृहीत भूमि के लगभग 10 प्रतिशत किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। संजय चौधरी ने कहा कि 12 साल से अपने हक के लिए विभागों के चक्कर काट रहे हैं।
अब अगर ब्याज सहित पूरा मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। धरने के दौरान कार्यालय में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बाद में एनएचएआई के पीडी प्रदीप गोसाई ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। वार्ता में सहमति बनी कि 31 अगस्त 2024 तक किसानों को ब्याज और मूल राशि सहित मुआवजा दिया जाएगा।
किसानों ने विभाग को चेताया कि यदि वादे के अनुसार भुगतान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। इस दौरान प्रमोद कुमार, राजकुमार राणा, देवराज, शानू, साजिद, रिहान, फरहान, सचिन राणा, सुनील कश्यप, अनिल सैनी, प्रमोद धीमान, ताहिर, मजहर और जाहिद आदि किसान मौजूद रहे।