विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही में मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग -परिजन मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाने के लिए लगा रहे दफ्तरों के चक्कर
संवाद न्यूज़ एजेंसी
दादरी। छात्रा की गोली मार कर हत्या करने और खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में विवि पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजनों ने मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों का कहना है कि इस प्रकरण में जरा भी सर्तकता विवि प्रशासन बरतता तो आज उनकी बेटी जिंदा होती। छात्रा ने हत्या से एक माह पहले विश्वविद्यालय प्रशासन को चार बार हत्या की आशंका जाहिर करते हुए ई-मेल से छात्र के खिलाफ शिकायत की थी। मगर विवि की लापरवाही ने उनकी बेटी की जान ले ली।
दरअसल, शिवनादर विश्वविद्यालय में कानपुर निवासी छात्रा बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। 18 मई को सहपाठी ने दोपहर के समय परिसर स्थित डायनिंग हॉल के सामने गोली मार कर उसकी हत्या कर दी थी। उसके बाद उसने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली। छात्रा हत्याकांड की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। छात्रा के पिता राजकुमार चौरसिया ने 25 मई को विश्वविद्यालय प्रशासन, कर्मचारी आशुतोष पांडे, छात्र अनुज, करन और कानपुर निवासी अंशु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। छात्रा के चाचा अनिल कुमार का कहना है, घटना केे एक माह बीत जाने के बाद भी पुलिस ने विवि प्रशासन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। अब पीड़ित परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह से विवि प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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छात्रा का आज तक नहीं बन पाया मृत्यु प्रमाणपत्र
छात्रा की हत्या की घटना विवि में हुई, लेकिन विवि प्रशासन यह बात मानने को तैयार नहीं है। यदि छात्रा के साथ हुई घटना को विवि प्रशासन लिखकर दे दे तो उसी आधार पर मृत्यु प्रमाणपत्र बन जाएगा। मगर यूनिवर्सिटी की ओर से अभी तक इस घटना को परिसर में होने की बात कबूल नहीं की गई है। जबकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि छात्र-छात्रा जब उनके यहां पर लाए गए थे तो दोनों ही मृत अवस्था में थे। अस्पताल में उनकी मौत नहीं हुई है। इसलिए वह भी इस बात को लिखने से इंकार कर रहे हैं। इस कारण अभी तक छात्रा का मृत्यु प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है। जबकि परिजन विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस, ग्राम प्रधान, दादरी ब्लॉक और अस्पताल के अधिकारियों से मिल चुके है।
जांच कानपुर तबादला कराने की तैयारी
परिजनों का कहना है कि गौतमबुद्धनगर पुलिस और यहां के स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कोई न्यायोचित कदम नहीं उठाया है। इस कारण अभी तक न्याय मिलने की आस नहीं है। अब पीड़ित परिजन जल्द ही पुलिस अधिकारियों से जांच को कानपुर ट्रांसफर कराने की मांग करेंगे।
घटना के बाद जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके अनुसार जांच की जा रही है। मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में पुलिस की कोई भूमिका नहीं है। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सार्थक सेंगर, एसीपी दादरी।