नोएडा। नोएडा में जमीन अधिग्रहण की व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। नोएडा प्राधिकरण खाली जमीन का जबरन अधिग्रहण करने के बजाय उसका नियमितीकरण करने के विकल्प पर विचार कर रहा है। इसके बदले जमीन मालिकों से विकास शुल्क लेने का प्रस्ताव है। अधिकारियों के मुताबिक, इस संबंध में विधिक राय ली जा रही है। कानूनी अड़चन नहीं होने पर इसी महीने प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जा सकता है। नई व्यवस्था लागू होने पर किसान विकास शुल्क जमा करके मास्टर प्लान के अनुरूप अपनी जमीन पर निर्माण कर सकेंगे। इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास स्थित नलगढ़ा समेत कुछ गांवों के लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि, यह अभी प्रस्तावित नीति है और अंतिम निर्णय होना बाकी है। नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र की करीब 90 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। शेष लगभग 10 प्रतिशत जमीन के बड़े हिस्से पर आबादी, अवैध कॉलोनियां या किसानों का कब्जा है। किसानों का कहना है कि इन जमीनों पर उनके मकान बने हैं। ऐसे में अधिग्रहण की मौजूदा व्यवस्था के बजाय नियमितीकरण का विकल्प उनके लिए राहत देने वाला हो सकता है। ब्यूरो