डॉ. आंबेडकर सम्मान स्कॉलरशिप योजना की घोषणा, सरकारी कर्मचारियों के बच्चे भी उठा सकेंगे लाभ
केजरीवाल ने कहा - भाजपा ने संसद में आंबेडकर का अपमान किया, यह योजना इसका जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में रहने वाले अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों का अब विदेश में पढ़ने का सपना साकार हो सकेगा। छात्रों को सिर्फ विदेश में किसी भी टॉप यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना होगा। इसके बाद आवागमन और वहां रहकर पढ़ाई करने का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। इसके लिए सरकार डॉ. आंबेडकर सम्मान स्कॉलरशिप योजना शुरू करेगी।
शनिवार को आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इसका लाभ एससी समाज के सरकारी कर्मचारी भी उठा सकेंगे। वे भी अपने बच्चों को मुफ्त में विदेश पढ़ने के लिए भेज सकेंगे। भाजपा ने संसद में डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान किया, यह योजना इसका जवाब है। आंबेडकर ने शिक्षा को सबसे ज्यादा तवज्जो दी थी। ऐसे में वे भी चाहते हैं कि इस समाज का कोई भी बच्चा पैसे की कमी से उच्च शिक्षा प्राप्त करने से वंचित न रह जाए। इस वजह से डॉ. आंबेडकर स्कॉलरशिप प्रोग्राम की घोषणा की गई है।
वहीं, आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने एक्स पर कहा कि यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की नींव रखने वाला ऐतिहासिक कदम है। इस पहल से गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों के सपने हकीकत बनेंगे। यह योजना उन्हें बड़ी यूनिवर्सिटी और विदेशों में पढ़ने का अवसर देगी। यह उन वंचितों को शक्ति और सम्मान देने की लड़ाई है, जिनके अधिकारों को दशकों तक दबाया गया है। इस दौरान मंत्री मुकेश अहलावत, अवध ओझा, राखी बिड़लान, कुलदीप कुमार समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मौका : आतिशी
आतिशी ने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने देश को संविधान दिया, लेकिन हर बच्चे को अच्छी शिक्षा देने का सपना दिल्ली सरकार ने पूरा किया है। दस साल से लगातार अपने बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर लगाया है। सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाया है। सरकारी स्कूलों के बच्चों को विदेश में जाकर पढ़ने का अवसर दिया है।