जनता, आरडब्ल्यूए, उद्योग जगत, संपत्ति मालिक और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे
15 दिनों के भीतर भेजने होंगे सुझाव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि मौजूदा दरें बाजार की वास्तविक स्थिति को सही ढंग से नहीं दर्शा रही हैं इसलिए इन्हें संशोधित कर वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप किया जाएगा।
राजस्व विभाग की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि इस संशोधन प्रक्रिया पर जनता, आरडब्ल्यूए, उद्योग जगत, संपत्ति मालिक और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। इच्छुक लोग 15 दिनों के भीतर सुझाव ईमेल आईडी suggestionondelhicircleratesgmail.com पर भेज सकते हैं। संशोधित सर्किल रेट लागू होने के बाद दिल्ली में संपत्ति खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और बाजार मूल्यांकन के अनुरूप संपत्तियों का पंजीकरण हो सकेगा। इससे राजस्व में वृद्धि होगी और कालेधन पर भी अंकुश लगने की संभावना है। वर्तमान में दिल्ली में संपत्तियों के सर्किल रेट 2008 और 2014 की अधिसूचनाओं के आधार पर लागू हैं। इनमें कृषि भूमि, नदी तल भूमि और आवासीय-वाणिज्यिक संपत्तियों के लिए अलग-अलग न्यूनतम दरें तय की गई थीं लेकिन एक दशक में बाजार भाव में हुए बड़े बदलाव के कारण अब इन दरों का पुनरीक्षण जरूरी हो गया है। राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकार जनता के विचारों को गंभीरता से लेगी और किसी भी निर्णय से पहले सभी सुझावों पर विचार करेगी।