ऊना। जिले में आलू की बिजाई में देरी होने के कारण इस बार गेहूं की बिजाई में किसानों को लगभग 20 दिन अतिरिक्त इंतजार करना पड़ेगा। आलू की फसल पहले नवंबर में तैयार हो जाती थी, लेकिन इस बार दिसंबर तक तैयार होगी। इसके चलते गेहूं की बिजाई भी मध्य दिसंबर के बाद संभव होगी।
आलू की दो माह वाली फसल आम तौर पर सितंबर की शुरुआत से नवंबर के अंत तक तैयार होती है। ऊना में तैयार होने वाला आलू अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे पहले बड़ी मंडियों में पहुंचता है। लेकिन इस बार 15 से 20 दिन की देरी से आलू की नई खेप दिसंबर में ही मंडियों में पहुंचेगी। इस दौरान दूसरे राज्यों से भी आलू की आपूर्ति शुरू हो जाएगी, जिसका असर कीमतों पर पड़ सकता है।
किसान अमरीक सिंह, रविंद्र कुमार, अजयपाल, सुरेंद्र कुमार, अभिषेक, रामपाल और विजय कुमार ने बताया कि आलू उनकी आय का अहम साधन है। उन्होंने कहा कि आलू की फसल की वजह से गेहूं की बिजाई में देरी होगी, लेकिन आलू छोड़ना विकल्प में नहीं है।
उपनिदेशक जिला कृषि विभाग, डॉ. कुलभूषण धीमान ने बताया कि आलू की बिजाई में अभी ज्यादा देरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सर्दियों में आलू अच्छी तरह तैयार होता है और ऊना के मैदानी इलाके इस फसल के लिए उपयुक्त हैं। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि किसी मार्गदर्शन के लिए वे कृषि विभाग के विशेषज्ञों से संपर्क कर सकते हैं।