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Noida News: दोस्तों ने ही बुझा दिया घर का इकलौता चिराग, 8 दिन बाद शव बरामद

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दोस्तों ने ही बुझा दिया घर का इकलौता चिराग, 8 दिन बाद शव बरामद
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-एनडीआरएफ की टीम ने अस्तौली निवासी मनीष का शव घटना स्थल से 5 किमी आगे नजर से किया बरामद
-29 नवंबर को दोस्तों ने पार्टी के दौरान गला दबाकर कर हत्या करने के बाद नहर में फेंक दिया मनीष का शव

संवाद न्यूज एजेंसी
दनकौर। कोतवाली दनकौर क्षेत्र के अस्तौली गांव निवासी मनीष के शव को एनडीआरएफ की टीम ने शनिवार को नहर से बरामद कर लिया है। शव घटना स्थल से करीब 5 किमी आगे नहर में मिला है। शव झाड़ियों में अटक गया था। शव मिलने के बाद पुलिस ने दो दोस्तों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आरोप है कि दोनों दोस्तों ने शराब की पार्टी के दौरान गला दबाकर मनीष की हत्या कर दी थी और शव नहर में फेंक दिया था।

29 नवंबर को अस्तौली गांव निवासी मनीष अपने दोस्त बॉबी और भारत के साथ अचानक लापता हो गया था। दूसरे दिन किसी व्यक्ति से परिजनों को जानकारी मिली कि मनीष ने फोन करके दोस्तों पर उसकी हत्या करने की आशंका जताई है। मनीष के पिता नारायण सिंह ने दनकौर कोतवाली पुलिस को बेटे के साथ अनहोनी होने की आशंका जताकर शिकायत दी। उस पर एक दिसंबर को पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। दो दिसंबर को पुलिस ने ग्रेटर नोएडा के एक मॉल की पार्किंग से मनीष की कार को बरामद किया। मॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों आरोपी दोस्त बाहर निकलते दिखाई भी दिए। तीन दिसंबर को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों को सूरजपुर कोर्ट में समर्पण करने जाते समय दबोच लिया था। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 29 नवंबर को ही उसकी हत्या कर शव जमालपुर गांव के पास पुल से नहर में फेंकने की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस ने एनडीआरएफ की टीम के साथ शव की तलाश शुरू की। तीन दिन की मशक्कत के बाद शनिवार को मनीष का शव नहर से बरामद हो गया है।
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एडीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार का कहना है कि बॉबी निवासी पतलाखेड़ा और अस्तौली गांव निवासी भरत पर हत्या का आरोप है। दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
छिपकर तलाशते रहे बचने के तरीके :
आरोपी दोस्त मनीष की हत्या करने के बाद बुलंदशहर आदि जगह पहुंचे। ताकि पुलिस नहीं पकड़ सके। वो किसी वकील के माध्यम से कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उनको दबोच लिया।
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गम में बदल गई शादी की खुशियां : पिता नारायण सिंह ने बताया कि मनीष की शादी 11 फरवरी को दनकौर निवासी एक युवती से तय थी। पूरा परिवार घर के इकलौते चिराग मनीष की शादी धूमधाम से करने की तैयारियों में लगा हुआ था। उन्हें नही पता था कि पीली चिट्ठी की रस्म से पहले ही उसकी हत्या कर दी जाएगी।


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