मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र टिप्पणी मामले में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई आगे बढ़ाई है। वायरल ऑडियो में बातचीत में शामिल दोनों कर्मचारियों को नोटिस जारी कर 10 दिन में जवाब मांगा गया है।
कुलसचिव ने प्रधान सहायक मनीष त्रिपाठी व निलंबित परिचर शनि शर्मा को जारी नोटिस में कहा है कि व्हाट्सएप ग्रुप 'यूनिवर्सिटी फैमिली' पर बातचीत का एक ऑडियो डाला गया था। उसमें सीएम के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। इस मामले में 10 कार्य दिवस के अंदर अपना पक्ष प्रस्तुत करें। यदि स्पष्टीकरण नहीं मिलता तो उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गठित समिति निर्णय लेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, निलंबित परिचर को विभिन्न माध्यमों से नोटिस रिसीव कराने की कोशिश की गई लेकिन नहीं कराई जा सकी है। इसके बाद वह नोटिस डीडीयू की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इसे लेकर अब सार्वजनिक सूचना भी जारी किए जाने की तैयारी है।
बीते दिनों यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उसमें सीएम योगी के लिए बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। छह मिनट चार सेकंड के उस ऑडियो में दो कर्मचारी विश्वविद्यालय के अधिकारियों के खिलाफ भी खूब टिप्पणी कर रहे थे। ऑडियो सामने आने के बाद एक कर्मचारी का पटल बदलकर प्रशासनिक भवन से प्राचीन इतिहास विभाग में भेज दिया गया था। परिचर पहले से ही निलंबित चल रहा है।
दो कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें एक कर्मचारी नोटिस रिसीव नहीं कर रहा है। नोटिस रिसीव कराए जाने को लेकर जो भी उपाय करने पड़े, किए जाएंगे:
धीरेंद्र श्रीवास्तव, कुलसचिव, डीडीयू