सर्वेक्षण में सामने आया बदलाव, छह वर्ष से अधिक उम्र की 82.6 फीसदी महिलाओं ने कभी न कभी स्कूल की दहलीज पर रखा कदम
नेहा शर्मा
नोएडा। जिले में महिलाओं की शिक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है। राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में छह वर्ष और उससे अधिक उम्र की 82.6 फीसदी महिलाओं ने कभी न कभी स्कूल में पढ़ाई की है। वर्ष 2019-21 में हुए एनएफएचएस-5 में यह आंकड़ा 78 फीसदी था। यानी करीब चार वर्ष की अवधि में स्कूल जाने वाली महिलाओं के अनुपात में 4.6 प्रतिशत अंक का इजाफा हुआ है।
शिक्षा के प्रति बदलती सोच का असर स्कूलों में छात्राओं की संख्या पर भी दिखाई दे रहा है। यूपी बोर्ड की वर्ष 2026-27 की बोर्ड परीक्षा के लिए हुए कुल पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या में कमी आई है, जबकि छात्राओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। शिक्षा विभाग इसे सकारात्मक बदलाव के तौर पर देख रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, परिवारों में बेटियों की शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ने से छात्राओं को स्कूल भेजने का रुझान मजबूत हुआ है।
17.4 फीसदी महिलाओं ने कभी स्कूल में नहीं की पढ़ाई
एनएफएचएस-6 के आंकड़े यह भी बताते हैं कि जिले में अभी करीब 17.4 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने कभी स्कूल में पढ़ाई नहीं की। यानी स्कूल तक पहुंच बनाने वाली महिलाओं का अनुपात बढ़ने के बावजूद एक बड़ा वर्ग अभी भी औपचारिक शिक्षा से दूर है। ऐसे में बालिकाओं को स्कूल से जोड़ने के साथ उन महिलाओं तक शिक्षा और साक्षरता के अवसर पहुंचाना भी चुनौती है, जो किसी कारण से स्कूली शिक्षा हासिल नहीं कर सकीं।
10 साल या उससे अधिक की पढ़ाई में बढ़ोतरी
महिलाओं की शिक्षा में बदलाव केवल स्कूल जाने तक सीमित नहीं है। एनएफएचएस-6 में 10 वर्ष या उससे अधिक की स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वाली महिलाओं का अनुपात 52.8 फीसदी दर्ज किया गया है। एनएफएचएस-5 में यह आंकड़ा 51.9 फीसदी था। इस तरह इस अवधि में महिलाओं के इस अनुपात में 0.9 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पुरुषों में 10 वर्ष या उससे अधिक की स्कूली शिक्षा हासिल करने वालों का अनुपात भी बढ़ा है। एनएफएचएस-5 में यह 58.3 फीसदी था, जो एनएफएचएस-6 में बढ़कर 59.4 फीसदी हो गया। यानी पुरुषों के आंकड़े में 1.1 प्रतिशत अंक का सुधार हुआ है।