जिले के 49 गोआश्रय स्थलों से गरीबी रेखा के नीचे के छोटे बच्चों वाले परिवार को दुधारु पशु उपलब्ध कराकर उनको जीवन यापन व कुपोषण से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिले में अब तक 1418 परिवारों को दुधारु गोवंश उपलब्ध कराए गए हैं।
इससे उन छोटे बच्चों का कुपोषण भी दूर हो रहा है जिनको पर्याप्त दूध नहीं मिल पा रहा था। जिले के गोआश्रय स्थलों में वर्तमान में कुल 16965 गोवंश संरक्षित हैं।
इसमें से जो दुधारु गोवंश हैं, उनको पास के गरीब व छोटे बच्चों वाले परिवार को सौंपा जाता है जिससे वह उन छोटे बच्चों को दूध उपलब्ध कराकर उनको कुपोषण से दूर कर सके। साथ ही गाय के चारा व भूसा आदि के लिए प्रति गोवंश 50 रुपये प्रति दिन का बजट उपलब्ध कराया जाता है।
पोषण मिशन के इस कार्यक्रम के तहत अब तक कुल 22 परिवार को ऐसे गोवंश उपलब्ध कराए गए हैं। इसी के साथ ही 1396 अन्य परिवाराें को भी जो गरीबी रेखा के नीचे हैं, दुधारु गोवंश उपलब्ध कराए गए हैं।
वर्तमान में जिले में कुल गोवंश की संख्या 511188 है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. भूपेंद्र कुमार पाठक ने कहा कि शासन की योजना के अनुसार कार्य किया जा रहा है। सभी गोवंश व महिषवंश का टीकाकरण का कार्य पूरा हो चुका है।