नोएडा। कोविड-19 महामारी की वजह से नोएडा और एनसीआर के शहरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर अपने गांवों का रुख कर रहे हैं। ऐसे समय में डग्गामार बस चालक और मालिक, प्रवासी मजदूरों की बेबसी का फायदा उठाकर उनसे मनमाना किराया वसूल रहे हैं। इस तरह की शिकायतें ट्विटर पर की गई हैं। इसके बाद नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नोएडा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य शहरों में पूर्वांचल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल से लेकर अन्य कई राज्यों के मजदूर और कामगार, काम करते हैं। कोरोना संक्रमण के तेजी से विस्तार की वजह से उनका कामकाज भी प्रभावित हुआ है। अपने घरों से हजारों किलोमीटर दूर रहकर काम करने वाले मजदूर परेशान होकर अपने गांवों को लौटने लगे हैं। नोएडा के कई स्थानों से प्राइवेट बसें पूर्वांचल और बिहार की तरफ जाती हैं। वर्तमान स्थिति में सवारियों की संख्या अधिक होने के कारण डग्गामार बसें भी लंबे रूटों पर जा रही हैं। आरोप है कि इन बसों में न तो फिटनेस है ना ही मानक के अनुरूप संसाधन। उसके बाद भी डग्गामार बसों के मालिक व चालक मनमाना किराया वसूल कर लोगों को घर पहुंचा रहे हैं या पहुंचाने का झांसा दे रहे हैं। इसमें स्थानीय पुलिस और परिवहन विभाग की भी मिलीभगत बताई जा रही है। ट्विटर पर इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद नोएडा ट्रैफिक पुलिस मामले की जांच कर रही है।