यू-ट्यूब पर वीडियो देखने के दौरान लिंक क्लिक करते ही व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर 19.10 लाख ठगे
- आरोपियों ने जबरन आईपीओ अलॉट कर रुपये ट्रांसफर करवाए
- रुपये ट्रांसफर न करने पर क्रेडिट स्कोर कम होने की दी धमकी
- साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। यू-ट्यूब पर वीडियो देखने के दौरान आए लिंक पर क्लिक कर एक व्यक्ति को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया गया। आरोपियों ने शेयर बाजार में निवेश पर मुनाफे का झांसा दिया और एप डाउनलोड करवाया। फिर खुद की आईपीओ अलॉट कर जबरन रुपये ट्रांसफर करा लिए। रुपये ट्रांसफर न करने पर क्रेडिट स्कोर कम होने की धमकी दी गई। इस तरह शिकायतकर्ता से 19.10 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
ठगी को लेकर पुलिस को ये शिकायत सैनिक कॉलोनी के रहने वाले राजेश सिंह ने दी है। कुछ दिन पहले वह यू-ट्यूब पर वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान एक वीडियो देखने के बाद इन्हें एक लिंक आया जिस पर क्लिक कर दिया। क्लिक करते ही वह व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़ गए और प्ले स्टोर से फयेर्स हनी नामक एप डाउनलोड कराया गया। आरोप है कि इन्हें 15 हजार रुपये का आईपीओ अलॉट कर दिया गया। फिर आरोपियों ने रुपये ट्रांसफर करने को कहा और ऐसा न करने पर क्रेडिट स्कोर कम हो जाने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता के अनुसार 27 जून को उन्होंने 15 हजार रुपये ट्रांसफर किए। फिर 1100 रुपये रिफंड का प्रयास किया तो निकल गए। आरोपियों ने फिर से 11 लाख रुपये का आईपीओ अलॉट कर दिया। फिर जबरन रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाने लगे। इस तरह शिकायतकर्ता से 27 जून से लेकर 3 जुलाई तक आरोपियों ने 19.10 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रिफंड का प्रयास किया लेकिन रिफंड नहीं करने दिया गया। आरोपियों के नंबर पर कॉल व मैसेज किए लेकिन उन्होंने जवाब ही नहीं दिया। साथ ही 5 जुलाई की शाम को शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप ग्रुप से भी बाहर कर दिया गया। तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दी गई। मामले में अब साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।