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Noida News: दिवाली पर ऑनलाइन शॉपिंग में हुआ ठगी का धमाका

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-कस्टमर केयर नंबर के झांसे में फंसे सैकड़ों लोग, साइबर सेल में शिकायतों की भरमार
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-ऑनलाइन शॉपिंग और फर्जी हेल्पलाइन नंबरों से लोगों को लगाया को लाखों का चूना
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दिवाली के त्योहार पर ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज इस बार कई लोगों के लिए नुकसान का सौदा साबित हुआ। ऑनलाइन सामान मंगाने और डिलीवरी में गड़बड़ी होने पर ग्राहक जब कस्टमर केयर का नंबर खोजने लगे तो ठगों ने इसी मौके का फायदा उठाया। फर्जी हेल्पलाइन नंबरों के जरिए लोगों के बैंक खाते से हजारों रुपये उड़ गए। साइबर सेल के अनुसार पिछले एक सप्ताह में ऐसे मामलों की शिकायतों में दोगुना इजाफा हुआ है।
ग्रेटर नोएडा साइबर सेल के इंचार्ज आशीष यादव ने बताया कि ठगों ने दिवाली पर लोगों की जेब ढीली करने के लिए पहले से तैयारी कर रखी थी। यही कारण था कि कस्टमर केयर नंबर के नाम पर फर्जी वेबसाइट या पेज बनाए गए। ग्राहकों ने जब किसी ई-कॉमर्स साइट या कूरियर कंपनी के नंबर की तलाश करता है तो उसे यही फर्जी नंबर मिला। जैसे ही पीड़ित व्यक्ति उस नंबर पर कॉल किया ठग ने अपने को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर विश्वास में लिया। इसके बाद रिफंड या वेरिफिकेशन के नाम पर मोबाइल में एनी डेस्क, क्विक सपोर्ट जैसी रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड करवाई गई। एक बार मोबाइल का कंट्रोल मिलते ही ठगों बैंकिंग ऐप्स या यूपीआई से पैसे ट्रांसफर कर लिया।
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कैसे बचें साइबर ठगी से : कस्टमर केयर नंबर हमेशा कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या मोबाइल ऐप से लें। अनजान लिंक या नंबर पर क्लिक न करें। बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करें। किसी को ओटीपी या यूपीआई पिन नहीं बताएं। फोन पर किसी के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करें जो मोबाइल स्क्रीन शेयर करता हो। साइबर अपराध की शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर या cybercrime.gov.in पर करें।



केस-1:
ग्रेटर नोएडा के बीाटा-2 कोतवाली क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने दिवाली पर ऑनलाइन गिफ्ट आइटम ऑर्डर किया था। डिलीवरी में देरी होने पर उन्होंने गूगल पर कंपनी का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने कहा कि आपका ऑर्डर कैंसिल कर दिया गया है। रिफंड के लिए ऐप डाउनलोड करें। महिला ने ऐप डाउनलोड किया और मिनटों में उनके खाते से 95 हजार रुपये उड़ गए।
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केस-2:
कासना कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने दिवाली की खरीदारी के दौरान एक वेबसाइट से मोबाइल कवर ऑर्डर किया था। डिलीवरी न मिलने पर जब उन्होंने गूगल से हेल्पलाइन नंबर निकाला, तो ठग ने रिफंड के नाम पर यूपीआई से 1 रुपये ट्रांसफर करने को कहा ताकि एक्टिवेशन हो जाए। जैसे ही उन्होंने ट्रांजेक्शन किया, उनके खाते से 42 हजार रुपये कट गए।
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