- शौक बना सजा, मोबाइल गेम खेलते गवां दिए 20 लाख रुपये
- सूरजपुर निवासी 27 महीने से ऑनलाइन गेमिंग एप में लगा रहा था पैसे, साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। ऑनलाइन गेमिंग की चमक-दमक और जल्दी अमीर बनने के लालच ने एक युवक को ऐसे जाल में फंसा दिया, जिससे निकलना उसके लिए बेहद महंगा साबित हुआ। करीब 27 महीनों तक वर्चुअल दुनिया में डूबे युवक को यह अंदाजा भी नहीं था कि जिस खेल को वह मनोरंजन समझ रहा है, वही धीरे-धीरे उसकी जमा-पूंजी निगल रहा है। हर नए लेवल और रिवार्ड के लालच में वह पैसे लगाता गया और देखते ही देखते 20 लाख रुपये साइबर ठगों के खाते में पहुंच गए। इस मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सूरजपुर निवासी वकील खान ने पुलिस से शिकायत की है कि वह जनवरी 2024 में डेमन ऐप ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़ा था और इस पर ऑनलाइन गेम खेलना शुरू किया था। शुरुआत में उसने कुछ पैसे जीते और फायदा हुआ। इसके बाद उसका विश्वास इस एप पर बढ़ गया और वह लगातार इस पर गेम खेलने लगा। इस एप पर करीब 100 से अधिक गेम हैं। इनमें से पांच से सात गेम वह खेलता था और हर बार पैसे लगाता था। शुरू में उसे कुछ रकम जीतने पर उसके बैंक खाते में वापस आ जाती थी। इसके बाद उसे बड़ी रकम का लालच दिया जाने लगा। धीरे धीरे करके उसने इस गेम में 20 लाख रुपये लगा दिए।
उधार व लोन लेकर जमा किए पैसे : पीड़ित का कहना है कि पूरी रकम कई बार में जमा किया और उसने उधार लोन लेकर गेम में पैसे लगाए। हांलाकि उसे कोई फायदा नहीं हुआ और पूरी रकम डूब गई। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और उन खातों की पड़ताल की जा रही है। जिनमें रकम भेजी गई है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि शुरुआत में थोड़ा फायदा देकर साइबर जालसाज लोगों को लुभा रहे हैं। इसके बाद मोटी रकम लेकर ठगी कर हैं। ऐसे में किसी लालच में न आएं और सावधानी बरत कर ठगी से बचें।
गेमिंग एप फ्रॉड से बचें
- कोई भी गेम एप या एप प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें। थर्ड पार्टी वेबसाइट से फाइल या एप डाउनलोड न करें।
- गेमिंग एप अकाउंट के लिए एक यूनिक और मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
- गेमिंग चैट में किसी भी अनजान व्यक्ति से व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण या पासवर्ड साझा न करें।
- अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखें।
- अनचाहे ईमेल, संदेश, या संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
- अगर एप नकली या संदिग्ध लगे, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल कर दें।