अगर आप व्हाट्सएप चलाते हैं तो थोड़ा सावधान हो जाइए। हैकर्स व्हाट्सएप हैक कर आपके मोबाइल से कंटेंट और जानकारी चुरा सकते हैं। साथ ही आपके दोस्तों और जानकारों से मदद के नाम पर पैसे की मांग कर धोखाधड़ी कर सकते हैं।
कंटेंट और गोपनीय जानकारी लेकर ब्लैकमेल भी कर सकते हैं। नोएडा में इस तरह के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। साइबर क्राइम की टीम इस मॉड्यूल की जांच में जुट गई है।
साइबर क्राइम के एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक, हाल के दिनों में व्हाट्सएप हैक करने की घटनाएं बढ़ी हैं। हैकर्स आपके नंबर से व्हाट्सएप यूज करने के लिए जालसाजी से व्हाट्सएप की ओर से इंटरनेट यूजर नंबर पर भेजे गए ओटीपी प्राप्त कर लेते हैं। इसके बाद आसानी से आपके नंबर पर व्हाट्सएप चलाते हैं। हैकर व्हाट्सएप का बैकअप री-स्टोर कर डाटा के साथ छेड़छाड़ भी कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आपके व्हाट्सएप का क्यूआर कोड स्कैन कर उसे हैक किया जा सकता है। देश की कई एजेंसियों की जांच में यह बात सामने आई है कि व्हाट्स एप हैकिंग के पीछे जामताड़ा मॉड्यूल भी शामिल है। ये लोग ओटीपी हासिल कर व्हाट्सएप डेटा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
मोबाइल के अलावा लैपटॉप पर चलाने पर अधिक खतरा
अगर आप लैपटॉप पर भी व्हाट्सएप चलाते हैं तो आपके अकाउंट के हैक होने की आशंका ज्यादा होती है। आजकल लोग ऑफिस में काम के दौरान बार-बार फोन देखने से बचने के लिए वर्क सिस्टम पर ही व्हाट्स एप कनेक्ट कर लेते हैं। सेटिंग्स में वॉट्सएप वेब/डेस्कटॉप का एक ऑप्शन है, जिसकी मदद से फोन के अलावा किसी और डिवाइस पर लॉगिन किया जा सकता है। लेकिन, इसी दौरान थोड़ी असावधानी बरतने पर व्हाट्स एप हैक हो सकता है।
क्यूआर कोड से हो सकता है हैकिंग
विशेषज्ञों के मुताबिक, क्यूआर कोड व्हाट्सएप की सेटिंग्स का एक ऑप्शन है। इससे आप व्हाट्सएप लैपटॉप, टैब और कंप्यूटर पर चला सकते हैं। किसी और डिवाइस पर व्हाट्स एप चलाने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करना होता है। इस क्यूआर कोड को हमेशा सुरक्षित रखें, नहीं तो हैकिंग का शिकार हो सकते हैं। जब आप लॉग आउट कर रहे हों तो व्हाट्सएप या डिवाइस की सेटिंग्स में जाकर लॉग आउट फ्रॉम ऑल डिवाइस कर दें।