संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानागर। किराना दुकान पर लगे स्पीकर युक्त फोन पे स्कैनर को ठीक कराने के लिए गूगल से मिले कस्टमर केयर के फर्जी नंबर पर कॉल करना दुकानदार को भारी पड़ा। इस नंबर पर कॉल करने पर व्हाट्सएप पर लिंक भेज एप डाउनलोड कराया। साथ ही फोन-पे एप पर 79501 रुपये भरकर पिन डालने के लिए कहा, जैसे ही पिन डाला यह राशि दुकानदार के खाते से निकल गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव छोटा बांस निवासी प्रवीण कुमार ने बताया कि उनकी गांव में किराना की दुकान है। दुकान पर लगा स्पीकर युक्त फोन पे स्कैनर खराब होने पर उसे ठीक कराने के लिए गूगल से कस्टमर केयर नंबर निकाला। इस नंबर पर 16 जुलाई को कॉल की, पर रिसीव नहीं हुई।
इसके कुछ देर बाद व्हाट्सएप नंबर पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को फोन पे का मरचेंट बताया और विश्वास में लेकर व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर एक एप डाउनलोड कराया।
इसके बाद कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि फोन पे की एप एक लाख रुपये भरकर पिन डालने के लिए कहा। उसके कहने पर एक लाख रुपये भरकर पिन डाला, पर बैंक खाता में एक लाख से कम राशि होने से यह ट्रांजेक्शन फेल हो गई। इसके बाद कॉल करने वाले शख्स ने कहा कि 79,501 रुपये भरकर पिन डालो। उसके कहने पर जैसे ही यह रकम व पिन डाला तो बैंक खाते से 79,501 रुपये निकलने का संदेश मोबाइल पर आया। कॉल करने वाले ने दोबारा कॉल कर बताया कि आपके बैक खाते से गलती से रुपये आ गए हैं, जो वापस कर दिए जाएंगे।
यह कहकर कॉल करने वाले ने कहा कि वह परिवार के किसी अन्य सदस्य के व्हाट्सएप नंबर पर लिंक भेजकर एप डाउनलोड कर रुपये वापस भेजेगा। इसी दौरान घर पर बेटी आई तो उसे बैंक खाते से 79,501 रुपये कटने का पता चला।
तब बेटी ने तुरंत मोबाइल लेकर काॅल बंद कर दी। इसके बाद उसी नंबर से दो-तीन बार फिर कॉल आई। बैंक में जाकर पता किया तो पाया कि गूगल से मिला कस्टमर केयर का नंबर फर्जी था और उनके साथ यह साइबर ठगी की गई है। मामले के जांच अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि प्रवीन कुमार की शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई गई है।