नई दिल्ली। द चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने अनलॉक के अगले चरण में होटलों व बैंक्वेट हॉल में शादियों की अनुमति देने का आग्रह दिल्ली सरकार से किया है। सीटीआई का कहना है कि शादी-विवाह कार्यक्रमों से जुड़े कारोबारों को भारी नुकसान हो रहा है।
सीटीआई ने दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) को पत्र लिख कर आग्रह किया है कि दिल्ली में कम से कम 50 या इससे अधिक लोगों वाली शादियां होटलों, बैंक्वेट हॉल तथा सार्वजनिक स्थानों पर करने की अनुमति प्रदान की जाए।
संगठन का कहना है कि फिलहाल राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर विवाह कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक है। डीडीएमए ने घर या कोर्ट में ही शादी करने की अनुमति प्रदान कर रखी है। इससे शादी-विवाह कार्यक्रमों से जुड़े कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है।
एक बयान जारी कर सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल और अध्यक्ष सुभाष खंडेलवाल के हवाले से कहा गया है कि राजधानी में पाबंदी के कारण यहां के लोग शादियां करने नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और सोनीपत तक जा रहे हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा ने 50 लोगों के विवाह समारोह आयोजित करने की अनुमति दे दी है।
बयान में कहा गया है कि बैंक्वेट हॉल, होटल, कपड़ा, मिठाई, ज्वेलरी, टेंट, कैटरिंग, फोटोग्राफी और मेकअप के काम से जुड़े पांच लाख लोगों का काम धंधा बंद है। जिन लोगों ने एडवांस लिया था, उन्हें अब बुकिंग वापस करनी पड़ रही है।
बृजेश गोयल के मुताबिक जुलाई में होने वाली देवश्यानी एकादशी के बाद चार माह तक हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी-विवाह नहीं हो सकेंगे। अब केवल कुछ ही विवाह मुहूर्त बचे हैं। इसे देखते हुए सीटीआई ने डीडीएमए को पत्र लिखा है। सीटीआई ने होटल कारोबारियों से भी मुलाकात की है। उन्होंने भी अनलॉक के अगले चरण में होटलों व बैंक्वेट हॉल में शादियां करने की अनुमति देने का आग्रह किया है। - एजेंसी