एमएसएमई का हॉल-14 खचाखच भरा, विदेशी और राज्यों के पवेलियन में भी उमड़ी भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
व्यापार मेले में रविवार को रिकॉर्ड भीड़ उमड़ी। सुबह से शाम तक हॉल, पवेलियन और फूड कोर्ट में इतनी भीड़ रही कि कई जगह गलियारों में चलना भी मुश्किल हो गया। बिहार दिवस और उत्तराखंड दिवस के कार्यक्रमों ने भी मेले के माहौल को और रंगीन कर दिया।
बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं की इतनी भीड़ रही कि हर हॉल के बाहर लंबी कतारें लगी दिखीं। सबसे ज्यादा भीड़ एमएसएमई के हॉल नंबर 14 में रही जहां कॉस्मेटिक्स, बॉडी मसाज मशीनें, दवाइयां, फैशन, परिधान, मेवे, जड़ी-बूटियां, तेल, मसाले, पापड़, नमकीन और खाने-पीने के सामान वाले स्टॉल पर भारी भीड़ उमड़ी। अंदर जाना तक मुश्किल हो गया। बिहार, विदेशी पवेलियन, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के पवेलियन में भी लोगों का रेला लगा रहा। कपड़ों की खरीदारी करने वालों में महिलाओं का उत्साह सबसे ज्यादा दिखा। कई हॉल में भीड़ इतनी बढ़ गई कि लोग एक-दूसरे को रास्ता देते हुए आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे।
थके तो जहां जगह मिली वहीं बैठ गए
थकान होने पर महिलाएं और बच्चे जैसे-तैसे कहीं भी खाली जगह देखकर बैठ गए। पवेलियन के बाहर लॉन में धूप सेंकते हुए परिवार खाना खाते, आराम करते और बच्चों को खेलने देते नजर आए। भारत मंडपम के अंदर गलियारों में बनी ऊंची जगहों और बेंच पर भी युवा काफी देर तक बैठकर सुकून लेते रहे। बुजुर्गों ने गेट से आने जाने के लिए कैब इस्तेमाल की। लोगों को इंतजार भी करना पड़ा।
दुकानदारों के चेहरे पर दिखी रौनक
भीड़ बढ़ने से दुकानदारों के चेहरे पर पूरे दिन मुस्कान बनी रही। कई स्टॉल पर लोग एक के बाद एक सामान खरीदते रहे। फूड कोर्ट में खाने के कूपन खरीदने के लिए लंबी लाइनें लगीं। खुले मैदान में परिवारों को एक साथ बैठकर खाना खाते, फोटो खिंचवाते और हंसते-खिलखिलाते देखा गया। मेले में पार्टनर स्टेट बिहार और अन्य राज्य उत्तराखंड का राज्य दिवस भी मनाया गया। बिहार दिवस पर एंपिथिएटर में माहौल पूरी तरह पूर्वांचल रंग में डूबा रहा। दोपहर में जादूगर अमर सिंह का शो बच्चों और बड़ों दोनों को खूब पसंद आया। शाम होते-होते छठ गीतों और पूर्वांचल के लोक कलाकारों के लोकगीत व नृत्य ने पूरे समारोह को जीवंत कर दिया।