फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: आवासीय फ्लैट बुकिंंग के नाम पर निवेशकों से करोड़ों की धोखाधड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
आवासीय फ्लैट बुकिंंग के नाम पर निवेशकों से करोड़ों की धोखाधड़ी
विज्ञापन

एक ही यूनिट कई लोगों को बेची, पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया केस

माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में रेलवे इम्प्लाई वेलफेयर सोसाइटी के नाम से चलाए गए प्रोजेक्ट में सैकड़ों लोगों से ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि सोसाइटी के जिम्मेदार आकर्षक ऑफर और ब्याजमुक्त किस्तों का लालच देकर फ्लैट बुक कराते रहे लेकिन न तो कब्जा दिया और न ही रकम लौटाई। बिसरख कोतवाली पुलिस कोर्ट के आदेश पर मामले की जांच कर रही है।
तमिलनाडु निवासी सुनील कुमार, गुजरात निवासी रविन्द्र नाथ यादव और कई अन्य लोगों ने आरोप लगाया है कि सोसाइटी ने फर्जी खतौनी और कागजात दिखाकर भरोसा दिलाया कि गांव पतवाड़ी की 4100 वर्गमीटर भूमि पर प्राधिकरण से स्वीकृत प्रोजेक्ट बन रहा है। पीड़ितों ने 2016 से 2017 के बीच फ्लैट बुक कराए और लाखों रुपये चेक द्वारा सोसाइटी के खाते में जमा कराए। वादे के मुताबिक 2019 तक कब्जा मिलना था। पीड़ित सुनील कुमार ने फ्लैट बुक कर 8.24 लाख रुपये जमा किए। इसी तरह रविन्द्र नाथ यादव ने फ्लैट के लिए 9.09 लाख रुपये जमा किए। वहीं तमिलनाडु निवासी दिनेश कुमार ने फ्लैट बुक कर लगभग 14.80 लाख रुपये दिए। मगर किसी को कब्जा नहीं मिला। पीड़ितों का कहना है कि सोसाइटी ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की। खसरा संख्या 1162 के फर्जी कागजात तैयार किए गए और एक ही फ्लैट को अलग-अलग खरीदारों को बेच दिया गया। कभी रेलवे इम्प्लाई वेलफेयर सोसाइटी के नाम से तो कभी शिव शंकर बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड और अन्य नामों से यूनिट्स की बिक्री की गई। 2018 में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस अवैध प्रोजेक्ट पर कार्रवाई की थी। धारा-10 के तहत नोटिस जारी कर अवैध निर्माण ध्वस्त करने के लिए फोर्स मांगी गई थी। मगर यह तथ्य खरीदारों से छुपाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी
रविन्द्र नाथ यादव ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने रकम वापसी या कब्जे की मांग की तो आरोपी वेदपाल यादव और उनके साथियों ने पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों का कहना है कि इसी वजह से कई लोग डर के कारण सामने आने से कतरा रहे हैं। जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर द्वारा अजय यादव, वेदपाल यादव, गीता यादव और अन्य आरोपियों को भूमाफिया घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद आरोपी खुलेआम सक्रिय हैं। आरोप है कि ठगी से हड़पी रकम को इन्होंने होटल-रिजॉर्ट जैसे कारोबारों में निवेश कर लिया है। कार्रवाई के लिए बिसरख कोतवाली और पुलिस आयुक्त को पिछले साल 14 व 23 अक्तूबर को प्रार्थना पत्र दिए गए लेकिन एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। मजबूर होकर पीड़ितों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। वहीं कोतवाली पुलिस का कहना है कि चूंकि ठगी 2016 से 2019 के बीच हुई है। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा-420, 406, 167, 168 व 171 की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें