संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। यमुना में जलस्तर घटने से जेवर के 10 गांव के किसानों को राहत मिली है। खेतों से पानी निकलने लगा है। हालांकि करीब चार हजार बीघे में खड़ी फसल के नष्ट होने से किसानों को खासा नुकसान हुआ है। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद हथिनी कुंड और ओखला बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी से जेवर के 10 गांवों के खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया था। जेवर के सिरसा, वर मंडैया, सिरसा खादर, गोविंदगढ़, खादर मंडैया, कानीगढ़ी, छोटा झुप्पा, झुप्पा, शमश्मनगर और पूरन नगर के खेतों में बाढ़ का पानी घुसने से फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों के मुताबिक इन गांवों के लगभग चार हजार बीघा से भी अधिक में लगी फसल खराब हो गई है।
इन फसलों को हुआ नुकसान
धान, ज्वार, भिंडी, तोरई, खीरा, परवल, कद्दू, लौकी की फसलों को हुआ नुकसान।
जल्द होगा नुकसान का आंकलन
जिन किसानों के फसल बर्बाद हुए हैं, जल्द ही उनके नुकसान का आकलन किया जाएगा। इसके बाद किसानों से संग्रहित डाटा ऑनलाइन फीड किया जाएगा। फिर फसलों के नुकसान की भरपाई शुरू होगी। - अतुल कुमार, एडीएम वित्त
लगातार घट रहा जलस्तर
हथिनी कुंड और ओखला बैराज से छोड़े जा रहे पानी में लगातार कमी आ रही है। स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। मंगलवार को ओखला बैराज का जलस्तर लगभग 91 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया था जो बृहस्पतिवार को घटकर करीब 30 हजार क्यूसेक पर आ गया है। - दिनेश सिंह, मुख्य अभियंता 2, ओखला बैराज