यमुना सिटी(संवाद)। जेवर के हुमायूंपुर के 30 से अधिक किसानों की एक हजार से ज्यादा बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई है। किसानों का आरोप है कि खेतों में छिड़काव के लिए प्राइवेट कंपनी द्वारा उपलब्ध कराई गई कीटनाशक दवा फसल पर भारी पड़ गई। खेतों में लहलहाती धान देखते ही देखते झुलसकर सूखने लगी है। किसानों ने बताया कि कंपनी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि दवा से पौध मजबूत होगी और उत्पादन बढ़ेगा, लेकिन उल्टा असर होने से फसल चौपट हो गई। पीड़ित 33 किसान प्रशासन से कंपनी पर कार्रवाई और नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि सालभर की मेहनत दांव पर लग गई है।