यमुना का गिर रहा जल स्तर, मई शुरुआत में 674.5 फीट की जगह 28 मई को 669.8 फीट पर पहुंचा
पानी के दुरुपयोग पर लग सकता जुुर्माना, दिल्लीवालों से पानी बचाने की अपील
दिल्ली सरकार का आरोप, इस साल मई से ही हरियाणा ने पानी देना किया कम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गर्मी बढ़ने के साथ ही दिल्ली में जल संकट गहरा गया है। कई इलाकों में पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। इसे देखते हुए सरकार ने फैसला किया है कि जिन इलाकों में दिन में दो बार पानी आता है, वहां अब एक बार आएगा। बचे पानी को उन इलाकों में दिया जाएगा, जहां पानी नहीं आ रहा है। साथ में सरकार ने अपील की है कि दिल्लीवासी कारों को खुले पाइप से न धोएं और टंकियों से पानी ओवरफ्लो होने बचाएं। पानी के दुरुपयोग पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
मंत्री आतिशी का आरोप है कि हरियाणा सरकार ने एक मई से यमुना में पानी की सप्लाई कम कर दी है। इसके लिए सरकार अदालत का दरवाजा भी खटखटा सकती है। आतिशी ने बताया कि गर्मी में यमुना में औसत 674.5 फीट ही पानी बनाए रखना पड़ता है। बीते साल अप्रैल, मई और जून में वजीराबाद में हमेशा यही जलस्तर बना रहा था, लेकिन इस साल एक मई से ही हरियाणा ने दिल्ली को अपने हिस्से का पानी देना कम कर दिया है और यमुना का जलस्तर लगातार गिर रहा है। एक मई को यमुना का जलस्तर 674.5 फीट था, जो 28 मई को 669.8 फीट पर आ गया। इसी वजह से दिल्ली में जल संकट बढ़ गया है। इसे देखते हुए एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं।
टैंकर की संख्या बढ़ाई, एक बार सप्लाई
आतिशी ने बताया कि बोरवेल 6-7 घंटे चलते थे, अब 14 घंटे तक चलाए जा रहे हैं। वाटर टैंकर की संख्या भी बढ़ाई गई है। यमुना में पानी का स्तर लगातार घट रहा है, इसलिए कुछ और कदम उठाने पड़े हैं। मंगलवार से ही दिल्ली के जिन हिस्सों में दिन में दो बार सप्लाई की जाती है, उसे कम कर दिया गया है। अब इन इलाकों में दिन में एक ही बार सप्लाई होगी। दूसरी बार सप्लाई होने वाला पानी बचाकर उन इलाकों में भेजा जाएगा, जहां पर बिल्कुल पानी नहीं आ रहा है।
स्थिति विकट, दिल्ली करे सहयोग
आतिशी ने कहा कि हम दिल्ली के कुछ हिस्सों को बिल्कुल जीरो वाटर सप्लाई पर नहीं छोड़ सकते। पानी का इस्तेमाल तर्क संगत तरीके से करें। पानी को जरा भी बर्बाद न करें। गाड़ियों को खुले पाइप से न धोएं, कहीं पर पानी की सप्लाई का इस्तेमाल गाड़ियां धोने में न किया जाए। टंकियों से पानी ओवरफ्लो न हो। पानी का अच्छे से प्रबंधन करें। अगर पानी की बर्बादी नहीं रुकी ताे चालान भी किया जा सकता है।
अदालत भी जा सकती है सरकार
आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार लगातार हरियाणा सरकार से बात कर रही है। फिर भी यमुना में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। अगर अगले एक-दो दिन में पानी की सप्लाई में सुधार नहीं होता है तो हम कोर्ट का रुख करेंगे। सरकार सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी। दिल्ली सरकार ने हिमाचल से 50 एमजीडी पानी लेने का एमओयू किया है, लेकिन हरियाणा ने अपर यमुना बोर्ड में इसे रोक दिया है। पानी का स्तर गिरने से रोजाना करीब 30-45 एमजीडी पानी का उत्पादन घट जाता है।