बिसाहड़ा कांड में बनाए गए 18 आरोपियों से एक नाबालिक आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। नाबालिग को जमानत मिलने पर गांव के लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है।
जारचा थाना क्षेत्र के बिसाहड़ा कांड में इखलाख के हत्यारोपी नाबालिग की जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। किशोर न्याय बोर्ड ने याचिका पर सुनवाई करने के बाद जमानत पर रिहा करने से इंकार कर दिया।
जिसके बाद जिला न्यायालय में जमानत याचिका डाली थी। लेकिन सत्र न्यायालय ने भी नाबालिग को जमानत देने से इंकार कर दिया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रामशरण नागर ने बताया कि नाबालिग की जमानत के लिए इलाहबाद हाईकोर्ट में पुनं याचिका डाली थी।
शुक्रवार को मामले पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने नाबालिग आरोपी को जमानत दे दी है। बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट के सामने तर्क रखा कि नाबालिग का नाम 29 सितंबर 2016 को दर्ज करवाई गई एफआईआर में नहीं था।
इखलाख की बेटी शाईस्ता ने उसका नाम अपने बयानों में लिया है। केवल बयानों के आधार पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसका नाम गांव की रंजिश के कारण लिया गया है। लिहाजा नाबालिग को जमानत दी जानी चाहिए। जिस पर विचार करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए नाबालिग को जमानत दे दी है।