जेल से ही गुर्गों की मदद से रंगदारी वसूल रहा दुजाना
पेशी पर पत्र देकर रंगदारी वसूलवाने का हुआ खुलासा, एक गिरफ्तार
पकड़ा गया आरोपी दुजाना का रिश्तेदार, चार पत्र किए पुलिस ने बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। महाराजगंज जेल से अनिल दुजाना के गुर्गों व रिश्तेदार की मदद से रंगदारी वसूलने का खुलासा हुआ है। सूरजपुर स्थित कोर्ट में पेशी पर आने के दौरान अनिल दुजाना ने अपने एक रिश्तेदार विरेंद्र को चार पत्र दिए। सूचना मिलते ही पुलिस ने विरेंद्र को गिरफ्तार कर पत्र बरामद किए। इनमें विभिन्न लोगों से रंगदारी वसूलने का खुलासा हुआ है। इससे पहले अनिल दुजाना जेल के पुलिसकर्मियों की मदद से रंगदारी वसूलता था, लेकिन एक माह पहले इसका खुलासा होने के बाद उसने पेशी पर पत्र के जरिए रंगदारी का खेल शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, बृहस्पतिवार को अनिल दुजाना महाराजगंज जेल से सूरजपुर कोर्ट में पेशी पर आया था। कोर्ट से लौटते समय जैसे ही गाड़ी बाहर निकली, उसने अपने रिश्तेदार के हाथ में कुछ पत्र थमा दिए। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत पर्ची लेने वाले आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान एडब्ल्यूएचओ सोसायटी निवासी अनिल दुजाना के रिश्तेदार विरेंद्र के रूप में हुई है। वह मूलरूप से दनकौर चपरगढ़ का रहने वाला है। उसके पास से बरामद पर्ची में अलग-अलग लोगों को संबोधित करते हुए रंगदारी की रकम लेने व अपने परिचित व दुजाना को देने की बात लिखी गई है। इसके अलावा इन पत्रों के माध्यम से पुलिस को कुछ और जानकारियां भी मिली हैं। पुलिस पत्र में लिखे गए नाम के लोगों से संपर्क कर पूरे मामले का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
कारोबार में घाटा होने पर हुआ शामिल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी विरेंद्र ने पूछताछ में बताया है कि वह ग्रेटर नोएडा में ही कारोबार करता था। इसमें उसे घाटा हो गया। इसके चलते उसने अनिल दुजाना से संपर्क किया और उसने रंगदारी वसूलने में मदद करने पर उसमें से हिस्सा देने की बात कहकर अपने साथ मिला लिया।
टपकाने की धमकी और पत्र को फाड़ देते थे
पत्र व विरेंद्र से पूछताछ में ये भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों को ये हिदायत दी जाती थी कि पढ़ने या काम होने के बाद वह पत्र को फाड़ देंगे और अगर कोई रुपया देने में आनाकानी करे तो उसे टपकाने की धमकी देंगे। इसके डर से कोई रुपये देने में आनाकानी नहीं करता था। पत्र में अमित शर्मा से दस लाख रुपये, रोबिन त्यागी से पांच लाख रुपये, मनीष से 10 लाख रुपये और मदन मुखिया से 5 लाख रुपये वसूलने की बात लिखी गई है।
एक माह पहले सामने आई थी व्हाट्सएप से वसूली
22 फरवरी को कासना कोतवाली पुलिस ने इटावा निवासी गैंगस्टर अंकित चौधरी को गिरफ्तार किया था। आरोपी के मोबाइल से पुलिस ने खुलासा किया था कि महाराजगंज जेल में तैनात दो पुलिसकर्मियों की मदद से अनिल दुजाना अंकित को रंगदारी वसूलने आदि के संदेश भेजता है।