हेडिंग: अनिल दुजाना, सुंदर भाटी व रणदीप गिरोह का होगा खात्मा
सबहेड: एसएसपी ने जिले में बनाई गई पुलिस की नौ टीमें
सीओ करेंगे टीमों का नेतृत्व, तेजतर्रार पुलिसकर्मी किए गए शामिल
एसएसपी को गिरोह या किसी संदिग्ध युवक की खबर दे सकते हैं लोग
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। गैंगवार, रंगदारी और व्यापारियों को परेशान करने को लेकर एसएसपी ने पुलिस क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में 9 टीमों का गठन किया है। इस टीम में सभी इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मी तेजतर्रार हैं। कुछ को सीओ प्रशिक्षण भी दे रहे हैं। विशेष टीमें जिले में अनिल दुजाना, सुंदर भाटी और रणदीप गिरोह का खात्मा करेंगी। यदि कोई व्यक्ति किसी गिरोह से संबंधित जानकारी पुलिस को देना चाहता है तो वह एसएसपी से संपर्क कर सकता है।
एसएसपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि तीनों गिरोह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं और सरगना जेल में हैं, लेकिन गिरोह के बदमाश बाहर इनके इशारे पर वारदात अंजाम देते हैं। जिले में कई साल से समाज में भय व्याप्त करते हुए नए-नए लड़कों को गिरोह में शामिल किया जा रहा है। जिले के व्यापारियों ने कई बार धमकाने, रंगदारी आदि की शिकायतें भी दी हैं। समय-समय पर बदमाशों को पकड़कर कार्रवाई भी की है, लेकिन तीनों गिरोह को खत्म करने के लिए सीओ द्वितीय राजीव कुमार के नेतृत्व में 9 इंस्पेक्टरों की टीम बनाई गई हैं। यह टीमें अलग-अलग काम करेंगी। सभी टीमें सीओ को रिपोर्ट करेंगी। सीओ सभी इंस्पेक्टरों को प्रशिक्षण दे रहे हैं और इसके बाद इंस्पेक्टर अपने-अपने अधीनस्थ और सहयोगियों को प्रशिक्षित करेंगे। टीम में इंस्पेक्टर अनिल कुमार शाही, पंकज पंत, मुनीष चौहान, आजाद सिंह तोमर, रामसेन सिंह, राजवीर सिंह चौहान, एसएस भाटी और विजय कुमार को शामिल किया गया है। जबकि दो और इंस्पेक्टर दूसरे जिलों से नोएडा में आ रहे हैं। उनको भी इसी टीम का हिस्सा बनाया गया है। एक टीम को अतिरिक्त रखा जाएगा।
अवैध हथियार का शौक रखने वालों पर रहेगी नजर
एसएसपी ने बताया कि सबसे पहले यह टीमें गैंग के सरगनाओं को आर्थिक रूप से कमजोर करेंगी और ऐसे कुछ काम करेगी जिससे उनकी आय बंद कराई जा सके। साथ ही असलहे कहां से आ रहे हैं और नए-नए युवकों को कौन गिरो से जोड़ रहा है। इसकी भी जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाएगी। ग्रेटर नोएडा में कुछ युवाओं में हथियार रखने का शौक है वे भी पुलिस के रडार पर रहेंगे। यदि कोई व्यक्ति किसी गिरोह के बारे में सूचना देना चाहे तो वह उनके मोबाइल नंबर पर दे सकता है। इसके अलावा गांव आदि में यदि कोई युवक अवैध हथियार रखता है और उसकी गतिविधि संदिग्ध है तो इसकी भी जानकारी दी जा सकती है।