प्लॉट बेचने के नाम पर कथित आईपीएस अधिकारी ने धोखाधड़ी की
-ग्रेटर नोएडा में रहता है आरोपी, आईपीएस पत्नी है पंचकूला में तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ग्रेटर नोएडा में प्लॉट बेचने के नाम पर कथित आईपीएस अधिकारी के अपनी आईपीएस पत्नी व साले के साथ मिलकर धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत को पुलिस ने 10 महीने तक चली जांच में सही पाया है। पीड़ित ने अक्तूबर 2017 में मामले की शिकायत पुलिस को दी थी। आरोप है कि रुपये लेने के बाद भी जब आरोपियों ने प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं करवाई तो पीड़ित आईपीएस अधिकारी से मिलने उसके घर ग्रेटर नोएडा पहुंचा। आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। खेड़की दौला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस को 24 अक्तूबर 2017 को दी शिकायत में सेक्टर-82 निवासी लोकेश शर्मा ने कहा कि 2009 में वह थाई सुनील ऑटो रुद्रपुर में कार्यरत थे जहां उनके साथ ग्रेटर नोएडा निवासी गौरव मिश्रा भी काम करता था। 2014 को दिवाली के वक्त उत्तर प्रदेश के कथित दरोगा आरके सिंह का कॉल आया जिसने आईपीएस गौरव मिश्रा से फोन पर बात करवाई। गौरव ने उन्हें बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद वह सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे थे और 2012 के आईपीएस बैच में चयनित होकर दिल्ली आईएनए मुख्यालय में कार्यरत हैं। इसके बाद वह कथित दरोगा के साथ दो बार उनके घर भी आया। बताया गया कि मुलाकात के दौरान गौरव अपनी रिवॉल्वर निकालकर उसके सामने मेज पर रख देता। इस दौरान गौरव ने अपनी कथित आईपीएस अधिकारी पत्नी अनिकेता से बात कराई जो मोहाली में कार्यरत हैं। इस दौरान शिकायतकर्ता ने अपने दोस्त नसीब सिंह की मुलाकात गौरव से करवाई। गौरव ने उन्हें बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित सोसायटी गोल्फ लिंक-1 में अनिकेता व उनके साले आशुतोष राठी का 100 गज का प्लॉट है जो वह 15 लाख रुपये में दिलवा देंगे। सौदा तय होने पर नसीब सिंह ने 23 व 24 जून 2015 को6 लाख रुपये आशुतोष के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अलग-अलग समय में गौरव के मांग करने पर 10 लाख रुपये दे दिए और प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने की मांग की, लेकिन उन्होंने प्लॉट नहीं दिया। पुलिस ने मामले को जांच के लिए भेज दिया। करीब 10 महीने तक चली जांच में मामला सही पाए जाने पर खेड़की दौला थाना पुलिस ने शनिवार को मामला दर्ज कर लिया। जांच जारी है।
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