नोएडा। रिटायर्ड कर्नल और एडीएम के बीच हुए विवाद के बाद शासन ने संज्ञान लेते हुए पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले और एडीएम की मदद करने वाले स्थानीय अधिकारियों पर गाज गिराने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले में पुलिस के दो अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। अब प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि पूरे प्रकरण में पीएम और सीएम की निगरानी में कार्रवाई हो रही है। पूर्व व वर्तमान सैन्य अफसरों ने दोनों जगह पर शिकायतें की थीं।
दरअसल, 14 अगस्त को जब सेक्टर-29 में रहने वाले रिटायर्ड कर्नल पर एडीएम हरिश्चंद्र की पत्नी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उस दिन एडीएम ने कुछ स्थानीय आला अधिकारियों को फोन करके सिफारिश कराई थी। इसमें जिले के कुछ आला अधिकारी भी हैं। जिन्होंने इंस्पेक्टर और सीओ से फोन करके एडीएम के मामले में सहयोग करने और रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा था। हालांकि उन अधिकारियों ने भी आला अफसरों द्वारा की गई सिफारिश के आधार पर ही सीओ और इंस्पेक्टर को फोन किया था। मामला तूल पकड़ा तो शासन ने सीधे जिले के अधिकारियों और कुछ प्रतिनिधियों से अफसरों के बारे में फीडबैक लेना शुरू किया। अधिकारिक सूत्रों का दावा है कि एक प्रशासनिक अफसर को मामले में सहयोग करने और समय से सही कदम न उठाने का आरोपी मानते हुए नाम दे दिया गया था। जिसका तबादला करने और निलंबित करने की नौबत आ गई, लेकिन जब शासन से अधिकारी का फीडबैक गौतमबुद्ध नगर के प्रतिनिधियों और अन्य अधिकारियों से लिया तो अधिकारी की छवि सही मिली। इस पर कार्रवाई रोक दी गई है, लेकिन अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मामले में जितना दोषी पुलिस को माना गया है, उतनी ही गलती जिला प्रशासन की भी रही है। अब देखा यह जा रहा है कि प्रशासन की ओर से बलि का बकरा किसे बनाया जाएगा।
एडीएम की गिरफ्तारी और न्यायिक जांच ही असल मांग
तोड़े गए अतिक्रमण को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारियों में खुशी है, लेकिन वह एडीएम की गिरफ्तारी की मांग करके पूर्व जज से न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। भूतपूर्व सैनिक संघ की प्रवक्ता किरण भारद्वाज का कहना है कि एडीएम ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर रिटायर्ड कर्नल के साथ अमानवीय व्यवहार किया है और उनके अधिकारों का भी हनन किया है।
अब कुर्सी बचाने में जुटे अधिकारी
रिटायर्ड कर्नल को गलत तरीके से गिरफ्तार करने के बाद अब अधिकारी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं। पुलिस के सीओ, कोतवाल, चौकी इंचार्ज, मुंशी आदि पर कार्रवाई हो चुकी है। इसी तरह से प्राधिकरण के उन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठी है, जिन्होंने शिकायत के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया। हालांकि, अपनी गर्दन बचाने के लिए बृहस्पतिवार को एडीएम द्वारा किए गए अवैध निर्माण का गिरा दिया गया, लेकिन सेना के अधिकारियों की मांग है कि प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक एससी मिश्रा को भी सस्पेंड किया जाए।