कार्ड स्वैप के बाद पेमेंट हो गई होल्ड
- खरीदार मांग रहा व्यापारी से रुपये वापस, दे रहा धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सेक्टर-51 के मार्बल व्यापारी राकेश कुमार गुप्ता के पास 18 अगस्त को कुछ लोग आए और उन्होंने मार्बल पसंद करके करीब 1 लाख का माल खरीद लिया। साथ ही मशीन से कार्ड स्वैप करके पेमेंट भी कर दिया। खरीदारों ने कहा कि उनका कार्ड स्पेशल है। व्यापारी के अकाउंट में पैसे शाम तक ट्रांसफर हो जाएंगे। उन्होंने राकेश से 19 अगस्त को सामान भेजने को कहा। खरीदारों ने पक्का बिल मांगा तो व्यापारी ने कह दिया कि जैसे ही पेमेंट आ जाएगी, बिल दे दिया जाएगा। इस बीच व्यापारी ने देखा कि पेमेंट होल्ड कर दी गई है। जब खरीदारों ने तकादा किया कि सामान क्यों नहीं भेजा, इस पर व्यापारी ने कह दिया कि अकाउंट में जैसे ही पैसा आ जाएंगे, सामान पहुंच जाएगा। व्यापारी ने बताया कि पांच दिन हो गए हैं लेकिन पेमेंट नहीं हुआ। अब खरीदारों ने कह दिया कि हमने अब किसी दूसरे स्थान से सामान खरीद लिया है, मेरा पैसा वापस कर दो। पैसा वापस न करने पर व्यापारी को धमकी दी गई है। व्यापारी ने पुलिस से पूरे माले की शिकायत कर दी है। पीड़ित ने बताया कि इसी तरह से कई व्यापारियों से साथ ठगी हो चुकी है। खरीदार आते हैं और कार्ड से पेमेंट करने के बाद सामान ले जाते हैं। जबकि पेमेंट को खरीदार होल्ड करा देते हैं। बाद में व्यापारी का सामान चला जाता है और पैसा भी नहीं मिलता है।
बैंक की तरफ से गड़बड़ी की आशंका
हालांकि साइबर एक्सपर्ट अनुज अग्रवाल का कहना है कि कार्ड से पेमेंट करना ऑनलाइन व्यवस्था है। कार्ड स्वैप करने पर खाते में पैसे होंगे, तभी ओके की पर्ची निकलेगी। अगर ओके की पर्ची निकल गई तो इसका मतलब होता है कि पैसा ट्रांसफर हो गया। व्यापारी अगर पर्ची लेकर बैंक में जाता है तो उसे पैसा मिल जाएगा। उन्होंने इस मामले में बैंक की तरफ से ही गड़बड़ी की आशंका जताई है। साथ ही यह भी कहा है कि जालसाज बैंक कर्मचारियों से मिले हो सकते हैं।
ठगी का नया तरीका
व्यापारियों के मुताबिक जालसाजों ने ठगी का एक नया तरीका निकाला है। किसी व्यापारी के पास जाते हैं और जरूरत का सामान खरीदने के लिए कार्ड से पेमेंट करने के बाद बैंक में होल्ड करा देते हैं। अगर व्यापारी से जरा सी चूक हुई तो व्यापारी का माल भी चला जाता है और पेमेंट भी नहीं मिलती। व्यापारी किसी तरह बच गया तो जालसाज धमकी देते हैं कि हमें नहीं पता क्या हुआ, मेरे पैसे वापस करो।