जिले में आठ नए थानों की प्रक्रिया में आई तेजी
- प्राधिकरण थानों के लिए जमीन तो देगा लेकिन निर्माण से खींचे हाथ
- कानून व्यवस्था को लेकर मिली थी पुलिस को चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। प्रदेश स्तर पर हुई अपराध की समीक्षा में नोएडा पुलिस को कानून व्यवस्था सुधारने के लिए चेतावनी दी गई थी। मगर थाने और सुरक्षाकर्मी कम होने की जानकारी दी गई तो जिले में थाने बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। तत्परता दिखाते हुए सोमवार को शासन स्तर से थानों की जानकारी मांगी गई है जिसमें पूछा गया है कि कौन-कौन सा थाना किस विधानसभा में पड़ता है। इसके अलावा थानों के लिए जमीन है या नहीं। इन सभी की जानकारी दे दी गई है। दरअसल, अभी तक तो व्यवस्था यही थी कि प्राधिकरण जमीन देेने के साथ ही थाने की बिल्डिंग भी बनाकर देता था, मगर अब प्राधिकरण आर्थिक हालत ठीक न होने से निर्माण कराने की स्थिति में नहीं है।
दरअसल, शासन में कानून व्यवस्था को लेकर पिछले सप्ताह समीक्षा बैठक की गई थी। जिसमें नोएडा समेत कई जिलों को चेतावनी जारी की गई थी। मगर जब नोएडा पुलिस ने बताया कि यहां पर आबादी के अनुसार थाने और सुरक्षा कर्मी नहीं हैं तो इस पर शासन में विचार हुआ। शासन की ओर से तत्परता दिखाते हुए आला अधिकारियों ने नोएडा में थाने बनाने को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को आलाधिकारियों ने नोएडा के अफसरों से जानकारी मांगी। जिसमें बताया गया कि कुछ समय पहले शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इनमें दादरी विधानसभा में एनटीपीसी और सेक्टर-142 है, जबकि नोएडा विधानसभा में 106, 115, सेक्टर-63, सेक्टर-48, ओखला और फेस-वन थानों के नाम से प्रस्ताव गया था।
शासन से जानकारी मांगी गई कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जमीन दे देंगे क्या, इस पर अधिकारियों ने प्राधिकरण अफसरों से बात की तो उन्होंने जमीन देने के लिए तो हामी भर ली है लेकिन थानों का निर्माण कराने को लेकर हाथ पीछे खींच लिए हैं। हालांकि प्रदेशभर में इस समय करीब साढे़ 1400 थाने हैं और करीब इतने ही प्रस्तावित हैं। मगर इनके लिए इतना फंड न होने के कारण फिलहाल दो शहर और दो ग्रामीण क्षेत्र में थाने बनवाए जाएंगे।
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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में आठ थाने बनाए जाने का प्रस्ताव है। जिसके बारे में शासन से जानकारी मांगी गई थी और जमीन देने के लिए प्राधिकरण अधिकारी ने हामी भर ली है।
- अरुण कुमार सिंह, एसपी सिटी, नोएडा