शमीम हत्याकांड की एसआईटी से जांच कराने की मांग
नगीना।
मुस्लिम युवक के शव का अज्ञात शव मानकर दाह संस्कार करने के मामले ने पुलिस और
मेडिकल टीम संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है। सामाजिक संगठनों से लेकर
आम लोगों ने इस मामले की न्यायिक या विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की
है। इसके अलावा सोमवार को बडकली चौक पर एक बैठक का आयोजन सामाजिक संगठन मेवात विकास सभा के बैनर तले हुआ।
इसकी अध्यक्षता सलामुदीन एडवोकेट ने की और आरोप लगाया कि मेडिकल जांच
टीम ने तथ्यों को छुपाने का काम किया है।
कहा गया कि पुलिस को पता था कि
शमीम की हथीन व तावडू पुलिस थानों में गुमशुदगी व एफआईआर दर्ज है। वहीं एसपी के संज्ञान में भी पूरा मामला था।
मेवात विकास सभा पूर्व अध्यक्ष उम्मर पाड़ला ने बैठक में कहा कि इस घटना की जितनी
निंदा की जाए, कम है। मांग उठी कि मामले से जुड़े संबंधित अधिकारियों व मेवात की पुलिस अधीक्षक को
तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। मौके पर
कासिम खान शिकरावा, जावेद जलालपुर, ईशब खान, फकरूदीन चेयरमैन अखनाका,
युनुस व एसआईओ संस्था के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।