फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर चुनाव लड़ने वाले सरपंचों का निलंबन नहीं
नूंह। फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर चुनाव लड़ने की शिकायत को झेल रहे 6 गांवों के सरपंचों की कुर्सी जल्द छिन सकती है। सरपंचों के खिलाफ शिकायत की जांच के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीसी को सौंप दी है। रिपोर्ट में उनके खिलाफ की गई शिकायत को सही पाया गया है। मामला फिलहाल जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा उपायुक्त के पास है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मामले को लेकर आगे की कार्रवाई में डीडीपीओ नूंह द्वारा अनावश्यक देरी की जा रही है। जबकि उपायुक्त द्वारा उन्हें सरपंचों के खिलाफ अयोग्यता प्रमाणपत्र बनाए जाने के लिए निर्देश भी दिए जा चुके हैं। इसी मामले में सोमवार को शिकायतकर्ताओं ने डीडीपीओ नूंह से मुलाकात की।
मेवात में बडे़ पैमाने पर फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर पंचायत चुनाव लडे़ गए थे। नई पंचायत के गठन के साथ ही सरपंचों के खिलाफ फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर चुनाव लड़ने के आरोप लगने लगे थे। नूंह जिले के गांव इब्राहिमबास, गोहना, तुसैनी, जैंवत, जमालगढ़ तथा फलेंडी वासियों ने भी अपने गांवों के सरपंच पर फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे चुनाव लड़ने के आरोप लगाए थे। शिकायत के आधार पर उपायुक्त नूंह ने डीईईओ, डीईओ, तहसीलदार नूंह तथा जिला परिषद के सीईओ की कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। कमेटी द्वारा उक्त गांवों के सरपंचों के सर्टिफिकेट की जांच संबंधित स्कूलों से की जिसके आधार पर कमेटी ने उन्हें फर्जी पाया। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट 30 मार्च को उपायुक्त नूंह को सौंप दी थी। रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किया व सरपंचों ने अपना जवाब भी दे दिया लेकिन जवाब से संतुष्टि न जताते हुए उपायुक्त ने उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए डीडीपीओ नूंह को लिख दिया। उपायुक्त के आदेश के बावजूद अभी तक न तो सरपंचों को निलंबित किया गया है और न ही उनके खिलाफ अयोग्यता प्रमाणपत्र बनाया गया। सोमवार को जब शिकायतकर्ता डीडीपीओ नूंह से मिले तो उन्हें जवाब मिला कि कार्रवाई चल रही है।
फाइनल कार्रवाई की जा रही : डीडीपीओ नूंह राकेश मोर ने बताया कि सरपंचों को दिए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब आ गया है। उनके खिलाफ फाइनल कार्रवाई की जा रही है। जल्द फाइल तैयार कर डीसी नूंह को भेजी जाएगी।