गीता कॉलोनी रोडरेज
में दोस्तों पर ही शक
परिजनों का आरोप, कहानी बताकर गुमराह कर रहे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सोमवार रात गीता कॉलोनी में रोडरेज के दौरान युवक सुशील चौहान की गोली मारकर हत्या करने वाले बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा है। रोडरेज की थ्योरी पर काम करते हुए पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जांच रही है। उधर, सुशील चौहान के परिजन उसके दोस्तों पर ही हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस कार में मौजूद तीनों युवतियों और सुशील के दोस्तों से बारी-बारी से पूछताछ कर रही है।
छानबीन में पुलिस को पता चला है कि गोली लगने के बाद चालक सुशील बेहोश हुआ तो कार डिवाइडर से टकरा गई। इससे कार का टायर पंक्चर हो गया। कार में मौजूद सुशील के दोस्त अश्विनी और कार्तिक ने पुलिस को बताया कि वह उसी हालत में कार को गीता कॉलोनी श्मशान घाट से एलएनजेपी अस्पताल ले गए थे। बिना हवा भी टायर ठीक हालत में मिला। इसके अलावा, रिम भी ज्यादा खराब नहीं था। परिजनों का आरोप है कि दोस्त डिवाइडर से टकराने की कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह कर रहे हैं। पुलिस इस तथ्य को जांच रही है।
इधर, पुलिस ने बुधवार सुबह पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार को सौंप दिया। दोपहर बाद परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। सोमवार रात, सुशील चौहान को उसकी साली का बेटा अश्विनी उर्फ अन्नू, उसका दोस्त कार्तिक व तीन युवतियां गाजियाबाद में एक मंगनी में ले गए थे। लौटने के बाद रात में सभी ने कृष्णा नगर के एक होटल में खाना भी खाया। गीता कॉलोनी पुश्ता रोड पर लूप पर चढ़ते हुए रोडरेज में स्कूटी सवार दो युवकों ने सुशील को गोली मार दी थी।