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महिला व बच्चे की मौत के मामले में पुलिस से जवाब तलब

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मां-बेटे की मौत पर केस दर्ज न
करने पर पुलिस से मांगा जवाब
- हाईकोर्ट ने संयुक्त आयुक्त को जारी किया नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ससुरालवालों की पिटाई से महिला और उसके बच्चे की मौत के आरोप मामले में एफआईआर दर्ज न करने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त को नोटिस जारी कर हलफनामा पेश कर जवाब देने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई 6 दिसंबर को होगी।
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हाईकोर्ट में दायर याचिका में महिला रजनी के पिता होशियारे ने आरोप लगाया है कि ससुरालवालों ने इतना पीटा कि 4 अक्तूबर को उसके बच्चे और 7 अक्तूबर को दीनदयाल अस्पताल में रजनी की भी मौत हो गई। इसके बाद भी उत्तम नगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इतना ही नहीं, उत्तम नगर पुलिस ने सभी दस्तावेज एफआईआर दर्ज करने के लिए हरियाणा में रोहतक पुलिस को भेज दिए। याचिका पर जिरह करते हुए अधिवक्ता गुरमीत सिंह ने कहा कि रजनी की शादी हरियाणा के रोहतक में हुई थी। उसके ससुरालवाले दबंग हैं। उन्होंने रजनी को 30 सितंबर को बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। किसी पड़ोसी ने फोन कर उसके पिता को सूचित किया। वे बेटी को एक अक्तूबर को दिल्ली ले आए और डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराया। रजनी ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया, जिसकी 4 अक्तूबर को मौत हो गई। इसके तीन दिन बाद उसकी भी मौत हो गई। इसकी शिकायत उत्तम नगर पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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