नकली नोट लाने वाले चार गिरफ्तार
8.48 लाख की जाली करेंसी बरामद, नेपाल व बांग्लादेश से वाया पश्चिमी बंगाल लाते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नकली नोट सप्लाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर एक नेपाली समेत चार युवकों को गिरफ्तार किया है। इनसे आठ लाख 48 हजार के दो हजार के नकली नोट बरामद हुए हैं। ये नेपाल व बांग्लादेश से पश्चिमी बंगाल के रास्ते नकली नोट लाते थे। पुलिस को नकली नोट पाकिस्तान में छपने की जानकारी मिली है। इनकी गुणवत्ता ऐसी है कि नकली व असली नोटों में फर्क करना मुश्किल है।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार, एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह व एसआई निर्भय राणा की विशेष टीम को चार महीने की जांच के बाद इस गिरोह का पता चला। 21 नवंबर को एक सूचना के बाद टीम ने सिरी फोर्ट बस स्टैंड पर घेराबंदी की और मालदा, पश्चिम बंगाल निवासी फारूक उर्फ लंबू (27) और शरीफुल इस्लाम (21) को गिरफ्तार किया। इनसे दो हजार के छह लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए। शरीफुल ने बताया कि वह नकली नोट दिल्ली में आसिफ राज को देता था। उसकी निशानदेही पर 22 नवंबर को मोतीहारी, बिहार निवासी आसिफ राज (27) को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। इससे दो हजार के कुल 48 हजार के नोट बरामद किए गए। इन्होंने बताया कि वे नेपाल के मुखतियार अहमद और मालदा, पश्चिमी बंगाल के एक व्यक्ति से नकली नोट लेते थे। जिला परशा, नेपाल निवासी मुखतियार अहमद (28) को 28 नवंबर को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से दो लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। गिरोह में फारूक व शरीफुल पार्टनर थे।
आठ साल में खपा चुके हैं 70 लाख के जाली नोट
आरोपियों ने बताया कि वेे आठ वर्षों में करीब 70 लाख रुपये के नकली नोट दिल्ली, एनसीआर, बिहार व हरियाणा में खपा चुके हैं। शरीफुल ने बताया कि वह छह लाख रुपये के नकली नोट मालदा से लेकर दिल्ली में सप्लाई करने आया था। फारूक व शरीफुल बांग्लादेश से नकली नोट लाते थे। मुखतियार नेपाल में दो लोगों से नकली नोटों की खेप लेता था। बाद में ये नेपाल बॉर्डर से भारत आते थे। आसिफ नकली नोट सप्लाई करने में दिल्ली, हरियाणा व बिहार में एक-एक बार गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2015 में बिहार, वर्ष 2015 में गुरुग्राम और वर्ष 2017 में दिल्ली में उसे नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया था।