मेरठ व नोएडा के लिए भी
एक लाख का इनामी अर्जुन दबोचा
नोएडा से किया था दो कारोबारियों का अपहरण, दिल्ली और यूपी में था 50-50 हजार का इनाम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मेरठ के कुख्यात बदमाश अर्जुन सिंह उर्फ अमित उर्फ मोनू गुर्जर को गिरफ्तार किया है। दिल्ली और यूपी पुलिस ने इस पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रखा था। छह मामलों में वांछित अर्जुन ने साथियों संग नोएडा के दो कारोबारियों का अपहरण किया था और एक को फिरौती लेकर छोड़ा था। यूपी पुलिस को सूचना दे दी गई है।
स्पेशल सेल डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, 25 अगस्त को ऑल हैवन बैंक्वट हॉल का कैशियर ओमप्रकाश शर्मा ड्राइवर रविंदर के साथ पोलो कार से 33,16,750 रुपये लेकर मॉडल टाउन में मालिक के घर ,जा रहा था। रात करीब सवा आठ बजे प्रिंस रोड मॉडल टाउन में स्कॉर्पियो कार में सवार बदमाशों ने इन्हें रोका। पिस्टल के बल पर दो बदमाशों ने कैशियर व ड्राइवर को बंधक बना लिया। बाइक पर आए दो बदमाश रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने इस मामले में रवि, अब्दुल, उपेंद्र, अनुज उर्फ सोनू और प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार किया था। तभी से फरार अर्जुन सिंह को कोर्ट ने तीन नवंबर को भगोड़ा घोषित कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। सेल के इंस्पेक्टर अतुल त्यागी व विनय कुमार की टीम ने उसे सराय काले खां में इंद्रप्रस्थ पार्क के पास से पकड़ा। इससे एक देशी पिस्टल व एक कारतूस बरामद हुआ। मूल रूप से गांव सयाल, जिला मेरठ निवासी अर्जुन सिंह फिलहाल मेरठ की न्यू सैनिक कॉलोनी में रहता था।
कारोबारी से ली थी 25 लाख फिरौती
अर्जुन ने पूछताछ में बताया कि उसने 22 फरवरी, 2011 को साथियों के साथ सेक्टर-41, नोएडा से कारोबारी सौरभ जैन का अपहरण कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। बाद में 25 लाख रुपये लेकर व्यवसायी को छोड़ा। इसका मुकदमा सेक्टर-39, नोएडा थाने में दर्ज है। 21 सितंबर, 2011 में इसने चार साथियों के साथ ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से कारोबारी कपिल गुप्ता का अपहरण किया था। बदमाशों ने अपनी वर्ना कार से कपिल की मर्सिडीज कार में टक्कर मार दी थी। व्यवसायी कार देखने नीचे उतरा तो पिस्टल के बल पर अपहरण कर लिया था। कपिल गुप्ता को छोड़ने के लिए इन्होंने पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस ने इस मामले में अर्जुन के साथियों को गुरफ्तार किया था। अर्जुन ने पुलिस से बचने के लिए पहचान बदल ली थी।
एक महीने में ही छोड़ दी थी नौकरी
अर्जुन के खिलाफ दिल्ली और यूपी में छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसने मेरठ कॉलेज से पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। इसकी मेरठ कैंट में नौकरी लग गई थी, मगर इसने एक महीने में ही छोड़ दी थी। इसके बाद वह कपिल जाट और अंशुल के साथ गिरोह बनाकर वारदात करने लगा।