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युवक की हत्या करने वाला पिता-पुत्र गिरफ्तार

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हरियाणा व राजस्थान के ध्यानार्थ
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युवक के हत्यारोपी पिता-पुत्र गिरफ्तार
पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का घोषित कर रखा था इनाम

कहासुनी के दौरान बीच-बचाव करने पर की थी हत्या

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ ने कहासुनी के दौरान बीच-बचाव करने पर एक युवक की हत्या करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। आरोपियों की पहचान मलिकपुर निवासी नरेश उर्फ पंडित (52) और विकास उर्फ मोनू (23) के रूप में हुई है। इनके पास से पुलिस ने पिस्टल, कट्टा और कारतूस बरामद किए हैं। नरेश पर अवैध हथियारों की तस्करी के मामले दर्ज हैं, वहीं विकास पर कार लूट के दो मामले दर्ज हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त एंटो अल्फोंस ने बताया कि पिछले साल अक्तूबर में मलिकपुर गांव में सचिन नाम के युवक को गोली मारने की सूचना मिली। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना वाले दिन विकास की गांव में रहने वाले छाप सिंह से कहासुनी हो गई थी। इसी दौरान सचिन ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया था। इससे गुस्साए विकास ने दो दोस्तों अंकित और अनिल को मौके पर बुला लिया और सचिन को गोली मारकर फरार हो गया। जांच में पता चला कि घटनास्थल पर विकास का पिता भी मौजूद था।
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पुलिस ने इस मामले में अंकित और अनिल को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली के अलावा हरियाणा और राजस्थान के कई इलाके में दबिश दी थी। 25 नवंबर को निरीक्षक नवीन कुमार को सूचना मिली कि पिता-पुत्र अपने गांव आने वाले हैं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।


कर्ज से परेशान होकर कारोबारी से बदमाश बन गया नरेश
पूछताछ में पता चला है कि नरेश का ट्रांसपोर्ट का कारोबार था, लेकिन व्यवसाय में फायदा नहीं होने से वह कर्ज में डूब गया। इस दौरान वह नशा करने लगा और वह बदमाशों के संपर्क में आ गया। ट्रांसपोर्ट का कारोबार होने की वजह से वह देश के कई हिस्सों में जा चुका था। उसे मालूम था कि अवैध हथियार कहां मिलते हैं। ऐसे में वह बदमाशों के लिए हथियार सप्लाई करने लगा। वर्ष 2000 में क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार किया था।
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गांव में अपना दबदबा कायम करना चाहता था विकास
पिता को देखकर विकास भी पिता के लाए हथियार को अपने साथ रखने लगा। वह पिता द्वारा लाए गए नए-नए हथियार को अपने दोस्तों को दिखाता था। हथियार होने की वजह से विकास गांव में अपना दबदबा कायम करना चाहता था। इसी बात को लेकर उसकी छाप सिंह ने कहासुनी हो गई थी। घटना के बाद पिता व पुत्र हरियाणा और राजस्थान में इधर उधर घूमते रहे। इस दौरान विकास ने दिल्ली व राजस्थान में कार लूट की वारदात को अंजाम दिया। सीकर (राजस्थान) में विकास को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उस समय उसने अपनी पहचान छुपा ली और खुद को राजस्थान का रहने वाला बताया था।




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