ओमीक्रान-1 सेक्टर के पास कार में मिले सहायक प्रबंधक सत्यवीर सिंह के शव मामले मेें उसके भाई ने उसकी पत्नी खुशबू व मौसेरे भाई धर्मेंद्र उर्फ अभय पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। आरोप है कि खुशबू व उसके मौसेरे भाई के अवैध संबंध थे। अवैध संबंध में बाधा बनने पर सत्यवीर की हत्या की गई है।
वहीं, कार में रखी डायरी में ढाई पेज का सुसाइड नोट मिलने से मामला उलझ गया है। सुसाइड नोट में सत्यवीर ने लिखा है कि उसकी पत्नी व मौसेरे भाई धर्मेंद्र के अवैध संबंध थे। इससे वह परेशान हो चुका था।
सत्यवीर के भाई मैनपुरी निवासी सत्या सिंह ने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में लिखा है कि खुशबू कुछ वर्ष पूर्व भाग गई थी। जिसे बाद में समझा बुझाकर लाया गया था। आरोप है कि खुशबू और धर्मेंद्र शादी करना चाहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्यवीर एक कंपनी के एचआर विभाग में सहायक प्रबंधक था।
सत्यवीर, पत्नी व दो बच्चों के साथ ग्रेनो में रहता था। शुक्रवार सुबह सत्यवीर अपने घर से कंपनी जाने के लिए निकला था। इसके बाद से सत्यवीर का कोई अतापता नहीं चला था। पत्नी ने भी उसके लापता होने की जानकारी नहीं दी थी। सत्यवीर का शव शनिवार शाम ग्रीन बेल्ट के पास खड़ी उसकी आल्टो कार की पिछली सीट पर पड़ा मिला था।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर खुशबू और धर्मेंद्र उर्फ अभय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों के बीच अवैध संबंध को लेकर हत्या का आरोप लगाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। मामला हत्या का है या फिर आत्महत्या का जांच जारी है। - धर्मेंद्र शर्मा, ग्रेटर नोएडा थाना प्रभारी
डायरी में बयां किया अवैध संबंधों के कुंठा का दर्द
सहायक प्रबंधक सत्यवीर सिंह की डायरी में लिखे ढाई पेज के सुसाइड नोट में अवैध संबंधों की कुंठा और दर्द बयां किया है। नोट में लिखा है कि धर्मेंद्र उर्फ अभय सीआईएसएफ की ड्यूटी से अवकाश लेकर बिना बताए 23 नवंबर को घर आया था। इस बात को लेकर उसका पत्नी से विवाद भी हुआ।
इसके बावजूद वह उसे दोबारा घर बुलाने की जिद कर रही थी। नोट में भाई-भाभी, बेटे व अन्य परिजनों से माफी मांगते हुए लिखा है कि अब सब बर्दाश्त से बाहर हो गया था। इनको कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
सुसाइड नोट की शुरुआत में उसने लिखा है कि मेरी सारी संपत्ति मेरे बेटे को देना, बेटी को नहीं। बताया गया है कि सत्यवीर सिंह का लगभग 11 साल का बेटा और 7 माह की बेटी है। बेटी को लेकर भी दंपती में विवाद रहता था। नोट में लिखा है कि धर्मेंद्र अपनी सारी छुट्टी नोएडा आकर मनाता था।
पत्नी सत्यवीर के साथ पति जैसा व्यवहार नहीं करती थी, जबकि धर्मेंद्र के साथ उसके मधुर रिश्ते थे। मेरा घर आना भी इनको अच्छा नहीं लगता था। ससुराल वाले भी अपनी बेटी का साथ देते थे। मैंने दोनों का आपत्तिजनक हालत में फोटो भी पत्नी को दिखाया लेकिन वह कहने लगी क्या हुआ देवर ही तो है। कुछ माह पहले गांव गाड़ी में जाते समय भी परिवार के बच्चे ने दोनों को आपत्तिजनक ढंग से बैठे देखा था।