रणहौला में विजिलेंस टीम पर हमला का मामला
पुलिस आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी में जुटी
- वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रणहौला के दीप एंक्लेव में बुधवार रात छापेमारी के दौरान बाहरी जिले के विजिलेंस टीम पर हमला किए जाने का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें विजलेंस टीम में शामिल पुलिसकर्मी बीट अफसर और रणहौला थाना प्रभारी पर हमला करवाने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। उधर स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर हमले में शामिल लोगों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि रणहौला इलाके में अवैध शराब और सट्टे का कारोबार चल रहा है। इलाके में इस तरह की गतिविधियां की जानकारी मिलने पर जिले की विजिलेंस की टीम भी छापे मारती है। सूचना सही पाए जाने पर बीट अफसर के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। विजिलेंस टीम को दीप एंक्लेव में शराब और सट्टे चलने की जानकारी मिली थी और चार सदस्यीय टीम छापा मारा और वहां से काफी मात्रा में अवैध शराब बरामद की, लेकिन आरोपी वहां से भागने में कामयाब हो गया। पुलिस की टीम छापेमारी के बाद कागजी कार्रवाई कर रही थी कि इसी दौरान पचास लोगों की भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव कर सभी पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। हमले में एसआई भारत भूषण, एसआई सुरेश, एएसआई विरेंद्र, एएसआई धर्मबीर एवं हेडकांस्टेबल प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गए।
वहीं अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जिस आरोपी के घर विजिलेंस टीम ने छापे मारे उस पर मर्डर समेत कई संगीन मामले दर्ज हैं और वह हाल में ही जेल से निकला है। वह अपने परिवार के 60 सदस्यों के साथ यहां रहता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।