केंद्रीय मंत्री के नाम पर पांच सितारा
होटल में डॉक्टरों के साथ ठगी
- डॉक्टरों को केंद्रीय मंत्री और मशहूर लोगों से सम्मानित कराने का दिया गया था झांसा
- कार्यक्रम, मीडिया और अन्य खर्चों के नाम पर ली गई थी मोटी रकम
- गैंग लीडर पत्नी, पिता, जीजा और दो अन्य दोस्तों के साथ धरे, पुलिस कर रही पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देशभर से आए डॉक्टरों को केंद्रीय मंत्री व मशहूर हस्तियों के हाथों सम्मानित करवाने का झांसा देकर उनसे ठगी करने के आरोप में छह आरोपियों को दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने दबोचा है। गैंग का सरगना एमटेक किए हुए है। पुलिस ने गैंग लीडर के साथ उसकी पत्नी, पिता, जीजा और दो दोस्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान झारखंड निवासी रामेंद्र कुमार राज (27), पत्नी स्वाति प्रिया (27), पिता अमृत साव (49), जीजा दीपक कुमार गुप्ता (30), दोस्त मो. सरफराज (28) और मो. रिजवानुल जमा (28) के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो गैंग लीडर ने ओखला स्थित पांच सितारा होटल में बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर डॉक्टरों के साथ ठगी की है। सम्मानित करने के बदले आरोपियों ने डॉक्टरों से मोटी रकम वसूली। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त चिन्मय बिश्वाल ने बताया कि रविवार को ओखला स्थित पांच सितारा होटल क्राउन प्लाजा में डॉक्टरों को सम्मानित करने के लिए निजी कंपनी इग्नीटेड एजुबर्ड्स नामक संस्था ने नेशनल हेल्थकेयर एक्मे अवार्ड्स का आयोजन किया था। कंपनी के निदेशकों ने दिल्ली, राजस्थान, बंगलूरू, मध्यप्रदेश समेत अन्य जगहों से शार्ट लिस्ट कर 25 डॉक्टरों को केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धन व कई नामी हस्तियों से सम्मानित करने की बात कही थी। डॉक्टर कार्यक्रम में पहुंचे तो न केंद्रीय मंत्री वहां पहुंचे और न ही कोई मशहूर हस्ती आई। आयोजकों ने गीत संगीत के लिए एक स्थानीय गायक को बुलाया था। गैंग लीडर ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर अपने और पत्नी के साइन किए हुए अवार्ड डॉक्टरों को थमा दिए।
शक होने पर सभी 25 डॉक्टरों ने ओखला औद्योगिक क्षेत्र थाने में लिखित में ठगी की शिकायत दी। डॉक्टरों ने बताया कि उनसे कार्यक्रम, मीडिया के खर्चे और विज्ञापन के नाम पर 15 से 50 हजार रुपये ले लिए गए। शिकायत मिलते ही एसीपी आनंत मित्तल और इंस्पेक्टर मुकेश वालिया व अन्यों की टीम ने फौरन रेड कर सभी छह आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने डॉक्टरों को सम्मानित करने के नाम पर ठगी करने की बात कबूल ली है। पुलिस ने झारखंड निवासी सभी छह आरोपियों दबोच लिया।
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गैंग लीडर एमटेक तो एक साथी बीटेक
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि हजारीबाग झारखंड का रहने वाला गैंग लीडर रामेंद्र कुमार एमटेक पास है। फिलहाल वह बेरोजगार है। इसकी पत्नी स्वाति प्रिया बीएड पास है। वहीं, रामेंद्र का पिता अमृत साव 10वीं पास है। इसका जीजा दीपक कुमार व दोस्त सरफराज ग्रेजुएट हैं और दोस्त रिजवानुल बीटेक है। आरोपियों ने खुलासा किया कि हाईफाई जीवन जीने और जल्द रुपये कमाने के चक्कर में आरोपियों ने ठगी का तरीका ढूंढा।
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पिछले साल शिक्षकों के साथ की थी ठगी
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि पिछले साल इसी तरह का कार्यक्रम आयोजित कर इन लोगों ने शिक्षकों के साथ ठगी की थी। लेकिन ठगी के बाद भी किसी ने कोई शिकायत नहीं की। इससे इनके हौसले बुलंद हुए और इस बार इन लोगों ने डॉक्टरों को अपना शिकार बनाने की योजना बनाई। योजना के तहत दिल्ली के पांच सितारा होटल में कार्यक्रम आयोजित कर आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया।
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केंद्रीय मंत्री व पांच सितारा होटल के नाम पर ठगी
आरोपियों ने खुलासा किया कि इन लोगों ने अपनी कंपनी के नाम से एक वेबसाइट बनाई हुई थी। उस पर पिछले कार्यक्रम के फोटो डाले हुए थे। आरोपियों ने शिकार बनाए गए डॉक्टरों को शॉर्ट लिस्ट करने की बात कर उनके ई-मेल पर केंद्रीय मंत्री द्वारा सम्मानित करने का मेल भेजा। पांच सितारा होटल में कार्यक्रम के आयोजन की बात बताई गई। बाद में उनसे संपर्क कर कार्यक्रम के खर्चों के नाम पर मोटी रकम एेंठ ली। आरोपियों को उम्मीद थी कि जिस तरह इन लोगों ने शिक्षकों को बेवकूफ बनाया, उसी तरह यह डॉक्टरों को भी बेवकूफ बनाने में कामयाब हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।