लखनऊ, इटावा और मेरठ के लिए भी उपयोगी
सरकारी राशन घोटाले की खबरों के साथ
खाद्य अधिकारी के चालक ने
उपलब्ध कराए थे पासवर्ड
- गाड़ी चलाने के अलावा दफ्तर में भी रहता था मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के यहां प्राइवेट चालक के रूप में काम करने वाले रामकुमार शाक्य उर्फ सोनू ने बताया कि वह क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के कार्यालय में भी रहता था और उसने भी आधार सीडिंग का काम सीख लिया था। जितेंद्र सिंह उसके पैतृक गांव बिशनपुर लाहरी (इटावा) के हैं और उनकी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान सेक्टर-12-22 के पास है। उसकी पहचान कोटेदार और कंप्यूटर ऑपरेटर से भी हो गई थी। इसके चलते उसे आसानी से यूजर आईडी व पासवर्ड मिल जाता था। उसी ने दादरी के नेम सिंह और बिजेंद्र के अलावा रोहित, पुष्पेंद्र, राहुल, दीपक पीलवान व अनिल को पासवर्ड उपलब्ध कराकर कई कोटेदारों के यहां भेजकर फर्जी राशन वितरण कराया। इससे प्राप्त रुपयों को आरोपियों ने आपस में बांट लिया। आरोपी ने सतपाल, देवेंद्र, राजाराम, जितेंद्र कुमार गुप्ता निवासी आसियाना लखनऊ के यहां लड़के भेजकर यूजर आईडी इस्तेमाल कर ई-पास मशीन से फर्जी राशन वितरण कराया है।
अब राशन घोटाले का मास्टरमाइंड रडार पर
ग्रेटर नोएडा। 20 करोड़ के राशन घोटाले का मास्टरमाइंड अब भी एसटीएफ की पकड़ से दूर है। हालांकि, अब वह एसटीएफ के रडार पर है। आशंका जताई जा रही है कि यह मास्टरमाइंड खाद्य एवं रसद विभाग से जुड़ा हुआ हो सकता है। उसने विभाग से जुड़े लोगों को अपने ाथ जोड़कर गरीबों के राशन को डकारने की साजिश रची और उसे अंजाम तक पहुंचाया।
बहन की आईडी का किया इस्तेमाल
पकड़ा गया आरोपी गौरव जोशी कोटेदार है। उसके पास 530 राशन कार्ड धारक हैं। आरोपी ने बहन निशा जोशी के आधार नंबर और उसके अंगूठे का इस्तेमाल कर फर्जी ढंग से राशन निकाला। आरोपी ने बताया कि पुरुषोत्तम कोटेदार सेक्टर-19, रामप्रसाद कोटेदार सेक्टर-20, अरविंद गुप्ता कोटेदार सेक्टर-11 आदि उसके घर पर ईपास मशीन लेकर आते थे।