अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ
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ग्रैंड वेनिस मॉल के निर्माता पर एक और एफआईआर
- सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट, दो साल से थाने के चक्कर काट रही थी महिला
- बाउंसर और गनर के खिलाफ भी मामला हुआ दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा।
ग्रेटर नोएडा के साइट फोर स्थित ग्रैंड वेनिस मॉल के निर्माता समेत उसके बाउंसर और गनर के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज हुई है। इस बार मॉल में दुकान खरीदने वाली महिला की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। महिला ने 10 साल पहले दुकान बुक कराई थी। आरोप है कि ग्रुप की तरफ से दुकान की जगह बदल दी गई और विरोध करने पर महिला को डराया, धमकाया और प्रताड़ित किया गया। महिला दो साल से थाने के चक्कर काट रही थी। सीएम पोर्टल पर शिकायत के बाद बुधवार को कासना पुलिस ने एसएस भसीन उर्फ मोंटू भसीन, उसके बाउंसर व गनर के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है।
अलका सचदेवा ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 में सपरिवार रहती हैं। 2008 में उन्होंने वेनिस मॉल में दुकान नंबर जी-73 की बुकिंग कराई थी। प्रबंधन ने साढ़े तीन साल में पजेशन देने का वादा किया था। तय समय पर दुकान पर कब्जा न देने के बजाय मॉल निर्माता एसएस भसीन ने 2016 में दूसरी दुकान देने की बात कही, जिसे लेने से इंकार करते हुए महिला ने कासना पुलिस से शिकायत की। पीड़िता ने पुलिस पर उस समय शिकायत दर्ज न करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि मॉल मालिक, बाउंसर और उसके गनर ने महिला और उसके परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसके गुर्गों ने शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी। मामले की शिकायत महिला के पति ने डीएम, एसएसपी समेत कई अधिकारियों से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में 13 मार्च को महिला ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर मामले की शिकायत की। जहां से आदेश होने पर कासना पुलिस ने 22 अगस्त को मामला दर्ज किया गया है। बता दें कि इससे पहले भी इसी तरह के मामले में 17 अप्रैल को इसी समूह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
कोट
मैंने हाल ही में कोतवाली का चार्ज लिया है। जैसे ही मेरे संज्ञान में यह मामला आया है। मैंने एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - आजाद सिंह तोमर, कोतवाली प्रभारी कासना
मॉल मामले में सामने आ रहे कई अफसरों के नाम
ग्रेटर नोएडा। ग्रैंड वेनिस मॉल में नियमों के विरुद्ध निर्माण करने और लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में तत्कालीन मेरठ मंडलायुक्त रहे डॉ. प्रभात कुमार के निर्देश पर मॉल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। साथ ही इसकी जांच यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह भी कर चुके हैं। अब तक की जांच के आधार पर पुलिस इस मामले में कुछ और नाम शामिल करने की तैयारी कर रही है, जिन नामों को शामिल किया जा रहा है। उसमें आईएएस व यूपीएसआईडीसी के अफसरों के नाम सामने आ रहे हैं। पुलिस इन सब अफसरों की तैनाती का स्थल व पद समेत तमाम जानकारी खंगाल रही है।