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देवबंद का पूर्व विधायक माविया अली दिल्ली में गिरफ्तार

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नोट: मेरठ व देवबंद, यूपी के लिए उपयोगी।
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देवबंद के पूर्व विधायक माविया अली गिरफ्तार, रिहा
- रिकार्डिंग कर सीए से मांग रहा था 50 लाख , ट्रस्ट की जमीन खरीदने को लेकर विवाद


अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । साउथ एवेन्यू थाना पुलिस ने देवबंद के पूर्व विधायक माविया अली को जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया । हालांकि कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी वाले दिन ही जमानत पर रिहा कर दिया। पूर्व विधायक पर ट्रस्ट के सीए जमाल खां से रिकार्डिंग कर 50 लाख रुपये ऐंठने के प्रयास का आरोप है। देवबंद में ट्रस्ट की जमीन को खरीदने को लेकर विवाद पैदा हुआ था। ट्रस्ट जमीन का एकमुश्त पांच करोड़ रुपये लेना चाहता था। जबकि विधायक किश्तों में देना चाहते थे।
सीए जमाल खां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि देवबंद में एक ट्रस्ट की जमीन को बेचने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी। 24 जुलाई को इस जमीन को लेकर माविया अली के साथ उनकी बैठक हुई। इस दौरान माविया ने कहा कि वह दुबई से हवाला से रकम मांगा कर उसे दे देगा। हालांकि इस दौरान जमाल ने कुछ नहीं कहा। कुछ दिन बाद 16 अगस्त को माविया अली ने जमाल को फोन कर बताया कि उसकी बातचीत की रिकार्डिंग उन्होंने कर ली है, जिसमें वह हवाला का पैसा लेने को तैयार है। माविया ने यह भी कहा कि या तो वह जमीन का पैसा किश्तों में ले ले या फिर वे रिकार्डिंग मीडिया में छपा देंगे। आरोप है कि माविया अली ने कुछ पैसों की मांग भी की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस के कहने पर जमाल खां ने माविया अली को 19 अगस्त को बातचीत करने के लिए दिल्ली बुलाया। यहां पर माविया अली एक होटल में ठहरा। आरोप है कि जमाल खां ने जब पूर्व विधायक से बात की तो उन्होंने बातचीत की रिकार्डिंग को डिलीट करने के लिए 50 लाख रुपये की मांग की। इसके बाद साउथ एवेन्यू थाना पुलिस ने होटल से माविया अली को गिरफ्तार कर लिया। माविया अली को 20 अगस्त को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को जाते ही जमानत दे दी गई।
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पूर्व विधायक के मोबाइल से नहीं मिली रिकार्डिंग
पुलिस के अनुसार पुलिस ने पूर्व विधायक के मोबाइल को जब्त कर लिया गया है। हालांकि पुलिस को माविया अली के मोबाइल से कोई रिकार्डिंग नहीं मिली है। हो सकता है आरोपी ने रिकार्डिंग को डिलीट कर दिया हो। आरोपी ने अपने मोबाइल से जमाल खां को रिकार्डिंग भेजी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए बृहस्पतिवार को भेजा जाएगा, ताकि डिलीट की गई रिकार्डिंग को वापस लाया जा सके।
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पूर्व विधायक ने आरोपों से किया इंकार
पुलिस के अनुसार आरोपी पूर्व विधायक माविया अली पूछताछ में अपने ऊपर लगे आरोपों से इंकार करता रहा। पूर्व विधायक का कहना था कि उसने कभी पैसे की मांग नहीं की। वह सिर्फ जमीन के पैसे किश्तों में देना चहाता था। इसके लिए मीडिया में रिकार्डिंग को छपवाने की धमकी दी थी। माविया अली वर्ष 2013-14 में कांग्रेस से देवबंद के विधायक बने थे। इसके बाद वह एपी के टिकट लड़े थे और हार गए थे।
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