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नामजद आरोपियों को क्लीन चिट दे सकती है ग्रेनो पुलिस

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ग्रेटर नोएडा। कासना गांव में दो सप्ताह पूर्व पीट-पीटकर अमित जाटव (22) की हत्या करने के सात आरोपियों को क्लीन चिट मिल सकती है। पुलिस का दावा है कि जांच में नामजद आरोपियों के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं। मामले में अमित के साथ मौजूद रहे एक युवक के बयान लिए गए हैं, जिसमें चोरी के शक में अमित की पिटाई के बाद मौत की बात सामने आई है। वहीं, पीड़ित परिवार इस मामले में अब भी नामजदों को ही दोषी मानकर आला अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहा है।
कासना गांव निवासी राजेंद्र सिंह ने ग्रेटर नोएडा थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा था कि अमित जाटव (22) परिवार के साथ रहता था और एक कंपनी में मजदूरी करता था। 12 जुलाई की सुबह सात आरोपी उसे अपने साथ बुलाकर ले गए थी। इसके बाद अमित के अधमरी हालत में घर से एक किमी दूर सड़क पर पड़े होने की सूचना मिली किसी ने उसकी फोन कर दी थी। अमित को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां उसने दम तोड़ दिया। तहरीर पर पुलिस मामले में विकल, सुखपाल, इंद्र, राज सिंह, रविंद्र, ब्रिजेश और सुरेंद्र चौहान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।
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बहन बोली, नामजदों ने ही की है हत्या
अमित की बहन बबिता ने बताया कि 10 जुलाई को उसके परिजनों के साथ नामजद किए गए आरोपियों से झगड़ा हुआ था। इस दौरान दो दिन में अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। 12 जुलाई को आरोपियों ने अमित की हत्या कर दी। घटना के बाद मेरे मोबाइल पर कॉल आई थी। बबिता के मुताबिक आरोपियों ने उसकी बाइक अमित के पास खड़ी कर दी थी और दस्तावेज निकाल लिए थे। थाना पुलिस इस मामले में शुरू से ही ढिलाई बरत रही थी। परिवार की ओर से एसस ीएसटी आयोग, मानवाधिकार आयोग और आला अधिकारियों को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की गई है।
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इस मामले की अब तक की जांच में पता चला है कि अमित दो अन्य साथियों के साथ था। इसी दौरान लोगों ने उसे चोरी करने के शक में पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। जबकि उसके साथ मौजूद दो साथी भाग गए थे। इनमें से एक से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने पूरे मामले की जानकारी दी है। इसके चलते नामजदों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया। हालांकि अभी जांच जारी है। - धर्मेंद्र शर्मा, ग्रेटर नोएडा थाना प्रभारी
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