मुनिरका से 16 नेपाली महिलाओं को मुक्त कराने मामला :
आरोपी एजेंटों के खिलाफ जारी होगा लुकआउट नोटिस
- एफआईआर में मानव तस्करी की धारा जोड़ी गई
- दो नेपाली महिलाओं के 164 के बयान हुए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के मुनिरका से 16 नेपाली महिलाओं को मुक्त कराने के मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी एजेंटों के खिलाफ लुकआउट नोटिस (एलओसी) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ताकि आरोपी नेपाली एजेंट नरेश व लाबसंग भारत से भाग न सके। बुधवार को मुख्य आरोपी लाबसंग की लोकेशन यूपी में मिली थी। दूसरी तरफ वसंत विहार थाना पुलिस ने एफआईआर में मानव तस्करी की धारा (आईपीसी की धारा 370) जोड़ दिया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिले केएक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी एजेंटों को पकड़ने के लिए आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस टीमें दिल्ली, यूपी व एनसीआर में दबिशें दे रही हैं। मुख्य आरोपी लाबसंग की बुधवार को लोकेशन नोएडा एक्सप्रेस वे पर मिली थी। लेकिन वह पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहा। आरोपियों के खिलाफ एलओसी जारी करने के लिए दिल्ली पुलिस की एफआरआरओ ब्रांच को पत्र लिखा गया है। पुलिस ने पहले जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र व धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया था। अब इसमें मानव तस्करी की धारा भी बढ़ा दी गई है। दूसरी तरफ मुक्त कराई 16 नेपाली महिलाओं में से दो के बुधवार को कोर्ट में जज के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान कराए थे। एक नेपाली महिला ने कहा कि वह पहले भी पांच-छह बार कुवैत जा चुकी है। वह नेपाल से भारत अपनी मर्जी से आई है। उसने कुवैत भिजवाने के लिए एजेंट को 35 हजार नेपाली मुद्रा दी थी। उसके साथ कोई गलत बात नहीं हुई है। दूसरी महिला ने भी जज के सामने कुछ इसी तरह के बयान दर्ज कराए थे। बताया जा रहा है कि एजेंट 10-15 के ग्रुप में नेपाली महिलाओं को कुवैत व इराक भेजते थी। पुलिस ने नेपाल में नेपाली उच्चायोग के जरिए उनके परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस महिलाओं की काउंसिलिंग करा रही है।
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मकान मालिक गिरफ्तार
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त देवेंद्र आर्य ने बताया कि मकान मालिक महावीर को गिरफ्तार कर लिया गया है। महावीर ने बिना सत्यापन के ही अपने मकान को नेपाली व्यक्ति लाबसंग को किराए पर दे रखा था। जमानती धाराएं होने पर उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।